हैंडपम्पों की मरम्मत के लिए आ गई है लगभग 10 करोड़ की धनराशि

हैंडपम्पों की मरम्मत के लिए आ गई है लगभग 10 करोड़ की धनराशि

चंदौली। शासन स्तर से हैंडपम्पों की मरम्मत के लिए करीब 10 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। धनराशि 14वें वित्त व राज्य वित्त के माध्यम से ग्राम पंचायतों के खाते में भेजी गई है। इसके बाद ग्राम पंचायतों की ओर से गांवों में हैंडपम्पों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। कई डैंडपम्पों को रिबोर भी कराया जाएगा। पंचायती राज विभाग की ओर से इसकी समीक्षा की जाएगी।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 28915 हैंडपंप लगे हैं। गर्मी के दस्तक देने के साथ ही हैंडपम्पों के हलक सूखने लगे। वर्तमान में करीब 20 फीसदी हैंडपम्प खराब हैं। वहीं 924 डैंहपम्पों को रिबोर की जरुरत है। लोगों को गर्मी में पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

नौगढ़ के पहाड़ी इलाके में स्थिति और भी खराब है। कुछ गांवों में जिला प्रशासन ने टैंकर से बांधों का पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। कई गांवों में ग्रामीणों को अब भी कई किमी दूर जाकर नदियों व तालाबों से गंदा पानी लाकर सेवन करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन ने खराब हैंडपम्पों की सूची तैयार कर शासन को भेजा था। शासन की ओर से हैंडपम्पों की मरम्मत के लिए करीब 10 करोड़ रुपये धनराशि 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी गई है। ग्राम पंचायतों की ओर से धनराशि का दुरूपयोग करने अथवा अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिले के सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि शासन स्तर से हैंडपम्पों की मरम्मत के लिए धनराशि भेजी गई है। ग्राम पंचायतों को गांवों में खराब हैंडपम्पों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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