चंदौली  जिले में 15 जून से सातवीं आर्थिक जनगणना शुरू होगी। 200 सुपरवाइजर व दो हजार प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। आंकड़े आनलाइन वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त की जा सके। इसको लेकर मुख्यालय स्थित केवीके सभागार में सोमवार को सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रोजेक्टर के जरिए गणना की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने दायित्वों के बाबत विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य विकास अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने कहा देशवासियों के आर्थिक व सामाजिक स्तर के पड़ताल को आर्थिक जनगणना कराई जा रही है। इस कार्य में लगे सुपरवाइजर, प्रगणक व सीएसी संचालकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हैं। जनगणना रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार नीतियों का निर्धारण करेगी। इसलिए ईमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करें। घर-घर जाकर गृहस्वामी से बात करें। चूल्हा ही परिवार की इकाई माना जाएगा।

जनगणना कार्य में लगे सभी लोगों के पास एंड्रायड फोन होना जरूरी है, ताकि रिपोर्ट तत्काल भेजी जा सके। बोले, सुपरवाइजर व प्रगणक के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था रहेगी। प्रशिक्षण में बताई गई बातों को ध्यान से सुनें। डीडीओ पदमकांत शुक्ला ने कहा आर्थिक गणना की रिपोर्ट ही गरीबी हटाने को लागू होने वाली नीतियों का आधार बनेगी। रिपोर्ट में खामियां सरकार की मंशा व प्रशासनिक महकमे के प्रयासों पर पानी फेर सकती हैं। इसलिए जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व का ईमानदारी के साथ निर्वहन करें।

सर्वे रिपोर्ट ग्राम पंचायत के समक्ष भी रखी जाएगी। इसलिए यदि त्रुटिपूर्ण ढंग से डाटा इकट्ठा किया गया तो इस पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अतुल कुमार ने कहा शहरों व गांवों में आर्थिक गणना कराई जाएगी। इसमें सरकारी नौकरी पेशा लोगों को शामिल नहीं करना है।

वहीं मध्यम वर्गीय परिवार, गरीब, व्यवसायी समेत समाज के सभी वर्गों के लोगों का डाटा इकट्ठा किया जाएगा। विभाग की ओर से हर इलाके के 600 से 800 घरों का नक्शा तैयार किया गया है। सुपरवाइजर को नक्शा मुहैया कराया जाएगा। इसके जरिए घरों तक पहुंचने में आसानी होगी।