चंदौली जिले के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में 62 अधिकारियों की टीम ने शनिवार को जिले के 300 स्कूलों का निरीक्षण किया। सुबह आठ से 10 बजे के मध्य हुए निरीक्षण में 40 फीसदी शिक्षक गायब मिले। अध्यापक स्कूल नहीं पहुंचे थे। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की भी कम उपस्थिति रही।

इतना ही नहीं, एमडीएम में मानक का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। अधिकारियों की ओर से निरीक्षण आख्या मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई है। इसके आधार पर लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन की सख्ती से शिक्षकों में खलबली मची रही।

सीडीओ ने नियामताबाद ब्लाक के जलीलपुर, सेमरा, कटेसर, रतनपुर, बहादुरपुर व चौरहट स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का जायजा लिया। जलीलपुर प्राथमिक स्कूल में 40 फीसदी शिक्षक व छात्र-छात्राएं गायब मिले। एमडीएम में भी घटिया मसाले का इस्तेमाल किया जा रहा था। बच्चों को अभी तक जूता-मोजा का वितरण नहीं किया गया था। जबकि स्कूल के एक कक्ष में जूता-मोजा का बंडल डंप पड़ा था। सीडीओ ने बच्चों से सवाल पूछकर शिक्षा की गुणवत्ता परखने की कोशिश की। लेकिन अधिकांश बच्चे जवाब नहीं दे सके।

डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह ने शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र के आधा दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया। विद्यालय में सफाई, एमडीएम के साथ ही शिक्षकों व बच्चों की उपस्थिति जांची। लेकिन संतोषजनक स्थिति देखने को नहीं मिली। एसडीएम सकलडीहा रामसजीवन मौर्या ने तहसील क्षेत्र के कई स्कूलों का जायजा लिया। स्कूलों में नामांकन के सापेक्ष काफी कम बच्चे उपस्थित मिले। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। साथ ही प्रधानाध्यापक को उपस्थिति बढ़ाने का निर्देश दिया। अधिकारियों की टीम जिले के सभी ब्लाकों के स्कूलों में सुबह आठ से 10 बजे के बीच धमकी। लेकिन शत-प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति नहीं दिखी। गुरुजी या तो छुट्टी पर थे अथवा अभी तक विद्यालय नहीं पहुंचे थे।

छात्र-छात्राएं पाठ्यक्रम से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब देने में भी अटकते रहे। इस पर अफसरों ने नाराजगी जताई। अधिकारियों की ओर से निरीक्षण आख्या सीडीओ को सौंप दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसको जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उनके निर्देशानुसार लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।