चंदौली जिले में पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए और बाढ़ की विभिषिका से निपटने के लिए चार तहसीलों में 42 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई है। इनपर अलग-अलग प्रभारी भी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस व्यवस्था के साथ ही स्वास्थ्य, राजस्व एवं अन्य विभागों के कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। सम्बंधित तहसीलों के एसडीएम को बाढ़ की स्थिति में राहत पहुंचाने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि जिले में अभी भारी बारिश नहीं हुई है। इससे कोई भी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित नहीं है।

जनपद में गंगा और गड़ई नदी के जलस्तर बढ़ने से चंदौली, मुगलसराय और सकलडीहा तहसील के अधिकांश गांव प्रभावित होते हैं। गांवों में गंगा कटान से किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो जाती है। वहीं जान-माल का भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा अत्यधिक बरसात की स्थिति में बांधों से ज्यादा पानी छोड़ने जाने पर चकिया तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण के लिए कार्य योजना बना ली है। प्रभावित क्षेत्रों में कुल 42 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं।

यह है तैयारी

इसमें सदर तहसील क्षेत्र में कर्मनाशा नदी पर 8, चंद्रप्रभा नदी पर 3 और गड़ई नदी पर 3 बाढ़ चौकियां स्थापित हैं। चकिया तहसील में चंद्रभा पर 5 व गड़ई नदी पर 2 बाढ़ चौकी बनाई गई है। गंगा के जलस्तर में उफान से प्रभावित होने वाले सकलडीहा तहसील क्षेत्र में कुल 15 चौकियां स्थापित की जाएंगी। मुगलसराय तहसील में गंगा नदी पर 3 और गड़ई नदी पर 3 बाढ़ चौकियां बचाव व राहत के लिए रहेंगी। बाढ़ चौकियों पर पुलिस के साथ स्वास्थ्य, राजस्व व सम्बंधित विभाग के कर्मी तैनात रहेंगे। सम्बंधित तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

 

नावों का खास इंतजाम

बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था भी रहेगी। बाढ़ से निपटने को कुल 95 नावें मौजूद रहेंगी। चन्दौली तहसील में 19, सकलडीहा तहसील में 44, मुगलसराय तहसील में 28 और चकिया तहसील में कुल 4 नाव मौजूद रहेंगी। जरूरत पड़ने पर बाहर से भी नावों की व्यवस्था की जाएगी।

गोताखोरों की तैनाती 

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में गोताखोरों की टीम भी मुस्तैद रहेगी। खोताखारों को बचाव के लिए उपकरण व अन्य संसाधनों से लैस किया जाएगा। ताकि प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचायी जा सके।

बाढ़ का लेवल 

जनपद में गंगा नदी का जलस्तर 71.262 मीटर बढ़ने पर बाढ़ की स्थिति बनती है। हालांकि जनपद में मापक यंत्र नहीं है। इसलिए वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर की मापी को जनपद में भी उतना ही वृद्धि मान लिया जाता है।

अपर जिलाधिकारी बच्चालाल बोले

जिले में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है। उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों के साथ ही सम्बंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि अभी जनपद में कहीं भी इस तरह की स्थिति नहीं है।