नीतीश जी, छात्रों की मदद से ऐसे भदोही से बिहार जाती है शराब, ऐसे चलता है तस्करी का कारोबार

नीतीश जी, छात्रों की मदद से ऐसे भदोही से बिहार जाती है शराब, ऐसे चलता है तस्करी का कारोबार

चंदौली जिले में शराब तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान में सोमवार को पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली, जब बिहार शराब लेकर जा रहे छह तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए वहीं 85 पेटी में 4080 शीशी अंग्रेजी बांबे व्हीस्की शराब संग दो वाहन बरामद किए गए। पकड़ी गई शराब की कीमत चार लाख रुपये बताई गई है।पुलिस ने बताया कि  भदोही से शराब लेकर बिहार पहुंचाने का काम कई दिनों से चल रहा था।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि पुलिस टीम ने सूचना मिलने पर चकिया चौराहे से एक स्कार्पियो में छुपाकर रखी गई 50 पेटी में 2400 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद की। वहीं रेवसां गांव के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर एक बोलेरो में छिपा कर रखी गई 35 पेटी में 1680 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद की।

ये हैं छह तस्कर 

पुलिस टीम के हत्थे चढ़े तस्करों में राजकमल साहनी लोहता वाराणसी, अनुभव पांडेय व अविनाश  ग्राम भिखारी लोहता वाराणसी, मनीष दूबे ग्राम निरंजनपुर बक्सर बिहार व दुर्गेश , नागेश्वर  ग्राम बड़की कोठिया औद्योगिक नगर बक्सर बिहार के निवासी बताए गए हैं।

छात्र करते हैं तस्करी

पूछताछ में तस्करों ने पुलिस को बताया कि वे सभी छात्र हैं। गलत शोहबत में पड़कर शराब तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। बक्सर के रहने वाले राकेश  के साथ कमीशन पर काम करते हैं। बताया एक बार शराब आपूर्ति के एवज में पंद्रह सौ रुपये मिलता है। इसके पूर्व दो बार बिहार के दुर्गावती में अंग्रेजी शराब की तस्करी कर चुके हैं।

राकेश अपने एक अन्य साथी के साथ कभी बाइक तो कभी चार पहिया वाहन से आगे चलकर पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देता है। उसके बाद फोन से वार्ता के बाद रास्ता क्लियर मिलने पर हमलोग आगे बढ़ते हैं और उसके द्वारा बताए गए स्थान पर माल ले जाकर देते हैं। जनपद भदोही के सुराही गांव तक जाते हैं। वहां विधायक नाम का व्यक्ति आता है जो गाड़ी लेकर चला जाता है। माल भरकर गांव में ही उन्हें गाड़ी दे दी जाती है। यहां से बिहार के लिए वे निकल पड़ते हैं।

Comments

comments