चकिया इलाके में हुए मर्डर के 4 आरोपियों को आजीवन कारावास, 13 साल बाद आया फैसला

चकिया इलाके में हुए मर्डर के 4 आरोपियों को आजीवन कारावास, 13 साल बाद आया फैसला

चंदौली। जिले के  चकिया थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव में 2005 में हत्या के एक मामले में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के 13 वर्ष पुराने मामले में चार आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष से मिली के अनुसार 17 अप्रैल 2005 को चकिया थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव निवासी (भीषमपुर) राजकुमार मौर्य शाम को झगड़ू साव के यहां भूसा लेने गए थे। वापस लौटते समय बेलाल के कारखाने के समीप सड़क पर घेरकर गोली मारकर हत्या कर दी गई और लाश को नहर में फेंक दिया गया। मृतक के पिता छांगुर मौर्य ने कोतवाली चकिया में गांव के ही चार व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।

मुकदमे में आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के कारण पुत्र की हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में नासिरगंज निवासी बेलाल, इकबाल, तैय्यब और कल्ला को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला जज ने आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही आईपीसी की धारा 506 (2) में तीन वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

जानकारी के अनुसार अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जेपी सिंह ने पैरवी की।

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