सीज होने जा रहे हैं इन गावों के वित्तीय अधिकार, यह है हेराफेरी का मामला

सीज होने जा रहे हैं इन गावों के वित्तीय अधिकार, यह है हेराफेरी का मामला

चंदौली जिले के आधा दर्जन गावों में कराए गए विकास कार्यों की जांच में अनियमितता सिद्ध हो गई। उनके प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया। आपत्ति होने पर साक्ष्य समेत जवाब नहीं दिया तो उनके वित्तीय अधिकार सीज होंगे। जिले की 35 ग्राम पंचायतों में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच शुरू हो गई है। जांच के लिए एक तकनीकी कर्मी और जिला स्तरीय अधिकारी लगाया गया है।

पैसा गायब मौके पर काम नहीं

ग्राम पंचायत चुनाव को अभी तीन वर्ष भी नहीं बीता कि अनियमितता की शिकायत शुरू हो गई। इसमें भी व्यापक पैमाने पर धांधली उजागर हो रही है। नौगढ़ ब्लाक क्षेत्र के भैसोड़ा, बरहनी के महुंजी, सदर ब्लाक के बेदहां समेत आधा दर्जन गांवों की जांच रिपोर्ट में घोर अनियमितता पाई गई है। शौचालय निर्माण, 12वें, 14वें वित्त के अलावा राज्य वित्त के खातों से उल जलूल कार्यों के लिए पैसा निकल गया। मौके पर वे कार्य हुए भी नहीं थे।

छह ग्राम प्रधानों के खिलाफ नोटिस

सीडीओ के निर्देश पर सभी छह ग्राम प्रधानों के खिलाफ नोटिस भेजी गई। 15 दिन में इन गांवों का जवाब नहीं मिला तो प्रधान के वित्तीय अधिकारी सीज होंगे। वहीं बरहनी ब्लाक के असना, चकिया के दिरेहू, बियासड़, शहाबगंज के मालदह, परसियान, चंदौली ब्लाक के सिकंदरपुर, परनपुर कला, सकलडीहा के डेढ़गावां, फेसुड़ा, चहनियां के बछौली, खंडवारी समेत 35 गांवों में शिकायत के आधार पर हुए विकास कार्यों की भौतिक व अनियमितता की जांच को टेक्निकल व जिला स्तरीय अधिकारी को लगाया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव का बयान

शिकायत के आधार पर गांवों की जांच कराई जा रही है। छह गांवों में अनियमितता सिद्ध हो चुकी है, प्रधानों से जवाब मांगा गया है। उन्हें अनियमितता पर कोई आपत्ति है तो इसका साक्ष्य देंगे अन्यथा उनके अधिकार सीज होंगे। अधिकारी 35 गांवों भी अपनी जांच रिपोर्ट एक पखवारे में दे देंगे।

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