लेखपालों की कलमबंद हड़ताल जारी, 64 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी

लेखपालों की कलमबंद हड़ताल जारी, 64 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी

चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल कर सरकार के खिलाफ बुधवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में मुखर लेखपालों ने विरोध में जमकर नारेबाजी की। चेताया सरकार तत्काल मांगों को पूरा करें नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी। इससे लोगों की समस्या बढ़ती ही जा रही है।

वक्ताओं ने कहा प्रदेश सरकार ने लेखपालों को हमेशा उपेक्षित किया है। लेखपाल एक महत्वपूर्ण पद है। 50 विभागों के कार्य संचालन लेखपाल कर रहे हैं। लेखपाल सरकार से जो भी मांग कर रहे वे सभी जायज है। शासन व प्रशासन के प्रताड़ति किए जाने के आगे लेखपाल झुकने वाले नहीं है।

ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-गवर्नेन्स एवं डिजिटल इंडिया आदि से संबंधित आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के अलावा खतौनी, नक्शा कार्य को संपादित करने के लिए सभी लेखपालों को लैपटाप एवं भारत सरकार द्वारा स्मार्टफोन प्रदान किया जाए, ताकि लेखपाल सभी कार्य को समय से पूर्ण करें। इसे देखते हुए लेखपाल पद का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करते हुए इसकी शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए। लेखपालों के वेतन विसंगतियों को फौरन दूर कर हम सभी को लाभ दिया जाए।

नोटिस लेने से इनकार

जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को 64 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी हुई थी। लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। लेखपालों ने अपने आंदोलन को जारी रखा। हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशान छात्रों को हो रही है। अगली कक्षाओं में उनका प्रवेश नहीं हो पा रहा है।

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