चंदौली जिले की चकिया कोतवाली इलाके में दिन दहाड़े पैसे लूट लेने का मामला सामने आया और बताया गया कि चकिया के किसान राजेंद्र विश्वकर्मा द्वारा कृषि हेतु किसी मशीन की खरीददारी के लिए चकिया स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से दो लाख बीस हजार रुपये नगद निकाले थे। बैंक में वहीं पहले से ही घात लगाए बदमाशों ने किसान का पीछा किया। जैसे ही वह अपने घर के बाहर खड़ी बाइक खड़ी करके अंदर गए। बदमाशों ने डिग्गी तोड़कर दो लाख बीस हजार रुपये लिए और मौके से फरार हो गए। लेकिन शाम होते होते मामला फर्जी निकल गया है और इसके लिए चकिया के पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बयान जारी करके मामले की जानकारी दी है।

इस संबंध में चकिया सीओ ने बताया कि डिग्गी तोड़ कर पैसा चोरी होने के मामले में जब छानबीन की गई तो २बैंक के सीसी कैमरे के फुटेज के अनुसार 2 लाख 20 हजार को राजेंद्र विश्वकर्मा एवं विकास ने आधा-आधा जेब में रखकर बाइक पर सवार होकर घर की तरफ चल दिए और घर पर जाने के बाद 100 नंबर डायल कर डिग्गी से पैसा चोरी होने की अफवाह फैला दी।

इस संबंध में उन्होंने लिखित प्रार्थना पत्र देकर भ्रम फैलाने गलती भी मानी है एवं लोगों को परेशान करने की बात सही है। सीओ ने यह भी बताया कि जो पैसा बैंक के खाते से 2लाख 20 हजार निकला था वह पिता व राजेंद्र के सह खाते से निकाला गया था और जब कि पैसा निकालने के लिए राजेंद्र के पिता मना कर रहे थे । उसके बावजूद भी राजेंद्र ने पैसा निकालकर चक्रव्यू रचना की है, लेकिन अभी इस मामले की अभी जांच हो रही है कि ₹2लाख बीस हजार कहां गया। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच के उपरांत झूठे भ्रम फैलाने का मुकदमा दर्ज कर इनके ऊपर कार्यवाही की जाएगी।

अब जिले में यह भी चर्चा हो रही है कि यह पुलिस का मैनेजमेंट है या वाकई में शिकायत झूठी थी। अगर शिकायत झूठी की गयी और जिले में बेवजह अफवाह फैलाई गयी है तो क्या शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी..क्योंकि जिले में कई फर्जी सूचना देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।