88 लेखपाल और सात कानूनगो के खिलाफ सदर तहसीलदार ने की कार्रवाई

88 लेखपाल और सात कानूनगो के खिलाफ सदर तहसीलदार ने की कार्रवाई

चंदौली। जिले में  शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में फर्जी रिपोर्टिंग और लापरवाही बरतने पर सदर तहसीलदार लालता प्रसाद ने तहसील के 88 लेखपाल और सात कानूनगो के वेतन पर रोक लगा दी है। कहा जब तक स्पष्टीकरण नहीं आएगा वेतन आहरित नहीं होगा। वेतन रुकने से लेखपालों में हड़कंप मचा है। सोमवार को तहसील सभागार में राजस्व से संबंधित शिकायती प्रार्थना पत्रों की समीक्षा हुई। इसमें बारी-बारी से शिकायती प्रार्थना पत्रों की क्रास जांच हुई।

संपूर्ण समाधान दिवस, खतौनी में अंश निर्धारण, सीएम व डीएम पोर्टल के अलावा आन लाइन 94 शिकायतों की तहसीलदार ने बारी-बारी से क्रास जांच की। इसमें आठ शिकायतें ऐसी मिलीं जिसमें लेखपालों ने बिना शिकायतकर्ता से बात किए अपनी रिपोर्ट लगा दी। अन्य शिकायतों में पीड़ितों ने स्पष्ट किया लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे जरूर लेकिन बगैर कुछ कहे चले गए। इन शिकायतों में गुणवत्ता की कमी और लापरवाही उजागर हुई।

गाटा संख्या के हिसाब से खतौनी में अंश निर्धारण का कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला। अन्य राजस्व कार्यों में भी किसी लेखपाल की रुचि नहीं झलकी। बैठक में एक भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। इससे नाराज तहसीलदार ने सभी का वेतन रोक दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार बृजेश कुमार समेत सभी लेखपाल, कानूनगो मौजूद थे।

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