चन्दौली पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश से धानापुर विकास खण्ड के 81 गांवों में गिरे कच्चा मकानों के सरकारी अमला ने अब तक कोई सुध नहीं ली है।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के समय घर घर प्रधानमंत्रीआवास देने की घोषणाओं का अमल धरातल पर नहीं दिखता। मोदी के प्रधानमंत्री बनने की ग्रामीणों ने जहां आवास शौचालय सहित अन्य सुविधाओं का बाट जोह रहे थे। वहीं बरसात से गिरे घरों की कोई सुध लेने वाला नहीं है।

एक तरफ गाँवों में जन प्रतिनिधि चौपाल लगाकर कच्चे मकान वालों की सूची प्रधानमंत्री आवास की बनाते थे, वही अब बुलाने पर भी गिरे मकानों को देखने नहीं जाते हैं। गाँव में जिन गरीबों का आशियाना उजड़ गया है वे पॉलीथिन के सहारे जीवन यापन करने को विवश हैं। सरकार के अच्छे दिनों की आस में बैठे ग्रामीणों का धैर्य टूटता नजर आने लगा है।

सपा नेता सुनील यादव और पूर्व विधायक मनोजकुमार सिंह डब्लू ने कहा कि सपा सरकार में गरीबों के आशियाने में आगजनी एवम गिरे घरों से नुकसान होने पर तुरन्त मौके पर राजस्व निरीक्षक नुकसान हुए सामानों मवेशियों के मूल्यांकन कर आर्थिक सहायता दिलाई जाती थी, लेकिन इस ढपोरशंखी सरकार की घोषणाएं हवा हवाई साबित हो रही हैं।
लोगों को आवास मिलना तो दूर प्रतिनिधि बुलाने पर नहीं जाते हैं। पिछले दिनों हुई लगतार बरसात से विकास खण्ड के 81 गाँवों में सैकड़ों घर गिरे, परन्तु आज तक गिरे घरों के हुए नुकसान का मूल्यांकन नहीं हुआ और न ही कोई को सरकारी अमला व जनप्रतिनिधि गांवों जाकर हालचाल लेता दिख रहा है।