बाबा के जयकारे, अध्यात्म, उपदेश और संगीत के साथ से सम्पन्न हुआ तीन दिवसीय जन्मोत्सव

बाबा के जयकारे, अध्यात्म, उपदेश और संगीत के साथ से सम्पन्न हुआ तीन दिवसीय जन्मोत्सव

चहनियॉ । बाबा कीनाराम की जन्म स्थली पर तीन दिनों में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये विद्वत समाज ने कहा कि पावन स्थली पर सभी लोग बाबा से आशीर्वाद के लिये आते है । बाबा कीनाराम जी समाज हमेशा जन कल्याण व मानवता का सन्देश दिया था । उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है । यहाँ के जन जन में बाबा किराम जी वास करते है । बाबा किनाराम जी हमेशा ऊँच – नीच , जाति पात छुआ छूत का विरोध किया था । तथा मानवता का सन्देश दिया था । आज समाज दूषित हो रहा है उसे बचाने के लिये एकजुट होकर बाबा के आदर्शो पर चलना होगा । तभी भारतीय संस्कृति की रक्षा हो पायेगी । बाबा कीनाराम जी अपने चमत्कार से आम जनमानस का कल्याण किया था ।

कहा जाता है कि बाबा कीनाराम जी ने 1770 में समाधि लेने के समय अपनी मुख्य तपोस्थली बाबा कीनाराम स्थल क्रीं कुण्ड के 11 वें पीठाधीश्वर के रूप में पुनः आगमन की आकाशवाणी की थी और ये कहा था कि जब मैं बाल रूप में आउगा तो पूर्ण जीर्णोद्धार होगा । बाबा कीनाराम स्थल क्रीं कुन्ड की महान परम्परा में इस समय 11 वीं गद्दी चल रही है । जिस पर स्वयं बाल रूप में बाबा कीनाराम जी रूप में अघोराचार्य महाराज जी श्री बाबा शिद्धार्थ गौतम राम जी विराजमान है ।

कार्क्रम के अंतिम दिन अघोराचार्य बाबा शिद्धार्थ गौतम राम जी ने उपस्थि भक्तो को उपदेश देते हुए कार्यक्रम की सफलता पर आये हुए लोगो को आशीर्वाद दिया।

जन्मोत्सव के दौरान दिन में क्षेत्रीय गायको द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि में तीनों दिन ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।

गोष्ठी को मुख्य रूप से कार्यक्रम संयोजक अजित कुमार सिंह, जय शकंर गुप्ता , गंगेश पाण्डेय , विभूति चतुर्वेदी , मनोज झा , आनन्द सिंह, जय प्रकाश पाण्डेय, प्रभुनारायण सिंह लल्ला, राजेन्द्र पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह , शशि शंकर सिंह , पी एन ओझा, नंदू गुप्ता , सहित अन्य वक्ताओं ने सम्बोधित किया । सञ्चालन धनञ्जय सिंह ने किया ।

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