मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा : बाबू सिंह कुशवाहा

मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा : बाबू सिंह कुशवाहा

बुद्ध का धर्म मानवता का संदेश देती है। भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने वाला सब दुखों से दूर होकर अलौकिक आनंद को प्राप्त करता है। मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा। उक्त बातें मुख्य अतिथि जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने घूरहूपुर बौद्ध महोत्सव के दौरान व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि बुद्ध ने पूरे विश्व में शांति का संदेश दिया। फिर भी आज पूरे दुनिया में अशांति फैली हुई है। चारों तरफ आतंकवाद का बोलबाला है। ऐसे समय में बुद्ध के विचारों को अपनाकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। श्रीलंका से पधारे धर्म गुरु भंते अशोक वंश ने कहा कि साधना से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। ज्ञानी संयम रखता है। दु:ख और सुख खाज और खुजली के समान है। सुख की कामना और दु:ख का संयम छोड़ना ही साधना का मार्ग है। भगवान बुद्ध ने संसार में दुख को देखकर सुख की चेष्ठा छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया।

विशिष्ट अतिथि बीएचयू के पूर्व छात्र नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भगवान बुद्ध की स्थली को उजागर करने में वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभायी। आज वह भले ही दुनिया में नहीं है। लेकिन उनकी स्मृतियां घुरहूपुर बौद्ध स्थल के पटल पर सदैव जीवंत रहेंगी। इसके पूर्व उपस्थित जनों ने भगवान बुद्ध के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस दौरान मुख्य अतिथि ने समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला व डॉ. सरिता सिंह को संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर सोहन सिंह चौहान, डॉ. सविता मौर्य, रमाशंकर राय, महेंद्र राजभर, मुन्ना राजभर, चंदन राय, ओम प्रकाश, शिव शंकर मौर्य, मोहन चौहान रहे। अध्यक्षता रजनीश कुशवाहा व संचालन वशिष्ठ मौर्य ने किया।

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