चंदौली जिले की चकिया कोतवाली के अमरा उत्तरी गांव में असामाजिक तत्वों ने मंगलवार की सुबह 11 बजे एक ताजिये में आग लगा दी। इससे गांव में तनाव व्याप्त हो गया। सूचना पाते ही एएसपी, सीओ समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चौक ताजिया स्थल के चारों ओर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। घटना को लेकर गांव में तनाव है।

अमरा उत्तरी गांव के ताजियेदार निजामुद्दीन के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गांव स्थित चौक पर रात्रि को ताजिया ठंडा करने के लिए रखा था। सुबह तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा। मुस्लिम समुदाय के युवक अपने-अपने घरों के आस-पास लाठी आदि से रिहर्सल में लगे थे। इसी बीच असामाजिक तत्वों ने चौक पर रखे ताजिये में आग लगा दी। देखते ही देखते ताजिया जलकर राख हो गया।

इससे मुस्लिम समुदाय के युवा आक्रोशित हो उठे। ताजिया में आग लगाने वाले आरोपित परिवार के एक बच्चे की आक्रोशित युवकों ने पिटाई कर दी। बात बढ़ने के पूर्व ही पुलिस प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के बड़े-बुजुर्गों के सहयोग से स्थिति को काबू में किया। एएसपी वीरेंद्र यादव, सीओ कुंवर प्रभात सिंह, कोतवाल संतोष राय, बबुरी थाना प्रभारी एनएन सिंह समेत पुलिस फोर्स व पीएसी के जवान पहुंच गए। सुरक्षा के लिहाज से चौक स्थित ताजिया स्थल को जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया। चौक की ओर किसी को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी।

सुरक्षा में लगे जवान स्थिति को काबू करने के लिए मोर्चा संभाले रहे ताकि कोई उन्माद न फैलाने पाए। मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नारेबाजी करने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एएसपी के साथ ही चेयरमैन अशोक बागी, चकिया नगर के सदर मुस्ताक अहमद आदि संभ्रांत जनों ने आक्रोशित लोगों के बीच पहुंच कर नया ताजिया बैठाने, आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने व गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए।

ताजियादार निजामुद्दीन ने गांव के राजाराम बिद सहित सात लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। पुलिस ने आरोपितों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं।