चंदौली जिले के जिला बेसिक शिक्षाधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षण कार्य में रूचि न लेने, विद्यालय से गायब रहने और वित्तीय अनियमितता बरने वाले विनायकपुर और अमदहां के प्रधानाध्यापकों को निलम्बित कर दिया है। वहीं दो अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। जबकि दो शिक्षकों का वेतन औ दो शिक्षामित्रों का एक-एक दिन का मानदेय काटने का निर्देश दिया है।

नौगढ़ विकास खंड के विनायकपुर प्राथमिक विद्यालय से अक्सर शिक्षकों के गायब रहने शिकायत बीएसए को मिली थी। इसपर उन्होंने 14 सितम्बर को विद्यालय की जांच कराई, तो बिना किसी सूचना के प्रधानाध्यापक गायब मिले। वहीं 110 छात्रों के सापेक्ष सिर्फ 37 छात्र उपस्थित रहे। इसपर उन्होंने प्रधानाध्यापक रामदास यादव को निलम्बित कर दिया है। साथ ही बीआरसी नौगढ़ पर सम्बद्ध कर दिया।

वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार विश्नानी, सहायक अध्यापक अमरनाथ सिंह का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। जबकि शिक्षामित्र कुसुम देवी, सुशील कांत का एक दिन का मानदेय काटने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अमदहां पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 28 अगस्त को बीईओ ने जांच की तो कम्पोजिट ग्रांड में वित्तीय अनियमितता के साथ ही शिक्षण कार्य में उदासीनता बरतने, एमडीएम में दूध व फल का वितरण न करना पाया गया। वहीं अधिकारी को कार्रवाई न करने के लिए धमकी दिया गया। इस वहां के प्रधानाध्यापक हरनाम सिंह को भी निलम्बित कर दिया गया है।

साथ ही शहाबगंज विकास खंड के करनौल पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। वहीं लालतापुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार, सहायक अध्यापक दिनेश यादव को विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर उनका एक-एक दिन का वेतन रोक दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा है।