वाराणसी के हिस्से को चंदौली जिला बनाए जाने के बाद अब उस चंदौली जिले को दीनदयाल नगर के नाम से किए जाने की शासन की मंशा साफ हो गई है, जिसके लिए सारी औपचारिकता पूर्ण कर जल्द ही जनपद का नाम दीनदयाल नगर हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार,  प्राचीन समय में चंदौली काशी का हिस्सा था। जब काशी का नाम वाराणसी हो गया तो चंदौली वाराणसी का हिस्सा बना। इसके बाद चंदौली को 1997 में मुख्यमंत्री मायावती द्वारा एक नया जिला बना दिया गया। चंदौली जिला बनाया गया था तो इसमें केवल 3 तहसीलें चकिया, चंदौली और सकलडीहा सम्मिलित थीं। फिर सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने इस जनपद में दो तहसील का और गठन किया और नौगढ़ व मुगलसराय को तहसील का दर्जा देकर पांच तहसीलें बना दीं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, अब भाजपा सरकार द्वारा इस जनपद को दीनदयाल नगर बनाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है, जिसके लिए योगी सरकार की मंशा के अनुरूप इसे दीनदयाल नगर बनाए जाने के लिए जनपद के जिला अधिकारी स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। जिले के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की सभी आवश्यक कार्यवाही करने में तेजी से जुट गए हैं।

इससे अब यही माना जा रहा है कि जनपद को मिलने वाले मेडिकल कॉलेज के साथ ही जनपद का नाम परिवर्तित होकर दीनदयाल नगर भी हो जाएगा।