चंदौली जिले में अयोध्या मामले का फैसला आते ही लोगों ने राहत की सांस ली। ठीक साढ़े दस बजे फैसले की एक लाइन पढ़ने, सुनने को लोग टीवी, रेडियो, मोबाइलों पर अंतिम क्षण तक चिपके रहे। टीवी पर जैसे नए-नए शब्द फैसले सामने आते लोगों की धड़कनें बढ़ने लगती। पहले निरमोही अखाड़ा उसके बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होते ही अनुमान लगने लगा कि फैसला रामलला विराजमान के पक्ष में है। हुआ भी कुछ ऐसा ही, फैसला आने के बाद लोगों ने गजब का सामंजस्य, प्रेम और भाईचारा दिखाया और फैसले का स्वागत किया।

लंबे समय से श्रीराम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन था। उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में तीन दावे दाखिल हुए थे। न्यायालय की हर रोज की सुनवाई के बाद आदेश तो हो गया लेकिन फैसला कब सुनाया जाएगा इसको लेकर ऊहापोह बना था।

शुक्रवार की रात फैसला नौ नवंबर को सुनाने की बात सुनकर हर कोई उत्साहित था कि फैसला क्या होने वाला है। फैसला आने के बाद जिला प्रशासन ने इतनी तेजी दिखाई कि सुबह आठ बजे से ही जिले के संभावित क्षेत्रों में चक्रमण होने लगा। हर जगह फैसले का स्वागत होने की बात सुनकर जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। हालांकि ऐतिहातन जिले भर में अलर्ट जारी है। सोशल मीडिया हो या सार्वजनिक स्थान या होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सभी स्थानों पर फोर्स तैनात कर निगरानी रखी जा रही।