मलाई खाने वाले अफसर चौकीदार को बना रहे हैं बलि का बकरा, क्राइम ब्रांच खोलेगी मामले की असलियत

मलाई खाने वाले अफसर चौकीदार को बना रहे हैं बलि का बकरा, क्राइम ब्रांच खोलेगी मामले की असलियत

चंदौली। जिले में घोटालेबाज अधिकारियों की चालबाजी में फंसे हुए चार गरीब परिवार न्याय के लिए भटक रहे हैं। बताया जा रहा है कि  करोड़ों का वारा न्यारा तो धान खरीद एजेंसी कर गई और कथित चार केंद्र प्रभारियों को फंसा गई।

 

ऐसी भी चर्चा है कि खरीद के नाम पर खेले गए अस अवैध खेल में कई मलाई काटने वाले अधिकारी तो बच गए लेकिन चार ऐसे प्रभारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई जो अंगूठा टेक हैं और एक दाना भी धान नहीं खरीदा है।

 बुधवार को दो कथित प्रभारियों का परिवार जब एसपी के दरबार पहुंचा। पुलिस अधीक्षक ने मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर क्राइम ब्रांच प्रभारी रामजी सिंह को तीन सदस्यीय टीम गठित कर एक-एक बिंदु पर जांच का निर्देश दिया।

एसपी कार्यालय पहुंचे सैयदराजा के कथित एक एजेंसी के केंद्र प्रभारी मुराहू राम ने कहा। वह मनराजपुर में दरी बुनाई का काम कराता है। जिस स्थान पर दरी बुनी जाती है उसी के पास धान क्रय केंद्र खुला, वहां आए संतोष गुप्ता व विजय सिंह नामक लोगों ने कहा केंद्र की देखरेख करो चार हजार महीना देंगे। वहां कुछ खाली बोरे रखकर चले गए।

एक महीना बीतते-बीतते पुलिस उसे ढूंढ़ने लगी। वह थाने गया तो पता चला कि उसे केंद्र प्रभारी बना दिया गया और 1100 क्विंटल धान की खरीद उसके द्वारा की गई यह कागजों यह दर्शाया गया।

इसके अलावा उधर चकिया के कथित केंद्र प्रभारी श्याम सुंदर और राकेश कुमार के पूर्व में ही प्रार्थना पत्र पड़ चुके थे। उन्होंने ने भी खरीद एजेंसी पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है और माना जा रहा है कि जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।

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