नदी, नहर और तालाबों में आ गए हैं मगरमच्छ, लोगों में दहशत

नदी, नहर और तालाबों में आ गए हैं मगरमच्छ, लोगों में दहशत

चकिया । चंदौली जिले के अंदर भारी बारिश के बाद चंद्रप्रभा व कर्मनाशा नदियों में आए दिन मगरमच्छों का विचरण लोगों में दहशत का सबब बनता जा रहा है। इसके चलते तटवर्ती गांवों के लोगों में असुरक्षा का भाव पैदा हो गया है। नदी तट पर सुबह शाम तफरी व नहाने वाले ग्रामीण जहां भयभित हैं वहीं पशुओं को नहलाने के लिए नदी का उपयोग करने वाले पशु पालक नदी तटों पर जाने से कतराने लगे हैं।

चकिया के फिरोजपुर गांव में नन्दलाल यादव के निजी तलाब में लगभग 5फुट के मादा मगरमच्छ को वन विभाग की टीम ने पकडा। जिसमें वन विभाग के रवि दूबे वन रक्षक जयप्रकाश यादव, यशंवन्त सिंह, देवकृष्ण तिवारी शामिल रहे। पकडे गये मगरमच्छ को R.O. ताराशंकर यादव के निर्देश पर बाद में चन्दप्रभा बांधं में छोड़ा गया।

अमूमन बरसात के दिनों में मगरमच्छों का नदी की जलधारा में विचरण करने की तादात बढ़ जाती है। पानी के तेज बहाव के चलते नदी में जगह-जगह दह बनाए मगरमच्छों का कुनबा तेज बहाव से अन्यत्र बह जाते हैं। इससे नदी के उपरी सतह पर आ जाते हैं। इन्हें देख लोग भयभीत हो जा रहे हैं। बीते सप्ताह सिकंदरपुर गांव के पास गुजरी चंद्रप्रभा नदी में युवक पर मगरमच्छ का शोर मचा था। इसके बाद से लगातार मगरमच्छ के देखे जाने की सूचना मिल रही है।

बबुरी के नगला, शहाबगंज के भूसी भोड़सर, लटाव गांव के पास से गुजरी कर्मनाशा नदी में मगरमच्छ देखे जाने पर सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के प्रयास के बाद भी मगरमच्छ पकड़े नहीं जा सके। गत दिनों पालपुर गांव के पास से गुजरी नहर में मगरमच्छ होने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने जाल के माध्यम से खोजबीन किया। लेकिन सफलता नहीं मिली।

ग्रामीणों का कहना है कि बहाव वाले जल स्त्रोतों में मगरमच्छ का होना आम लोगों के लिए खतरे की घंटी है। कारण नदी किनारे व नहर में इन दिनों पानी होने के चलते लोग पशुओं को नहलाने के साथ ही कपड़ों को साफ करने के लिए भी इन स्थानों पर पहुंच रहे है। ऐसे में मगरमच्छ हमला कर सकते हैं।

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