चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके के  परसिया गांव निवासी रामसुभग की संदिग्ध हाल में शव मिलने के मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है। मृतक की पत्नी को लालच देकर इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा। दस दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। यह आरोप लगाते हुए रविवार को ग्रामीण व परिजन लामबंद हो गए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर गांव में धरना दिया। चेताया पुलिस मामले का शीघ्र राजफाश व आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं करती तो एसपी कार्यालय का घेराव होगा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा बीते छह सितंबर को रामसुभग की चकरघट्टा गांव के पास रक्तरंजित लाश मिली थी। परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के ही दो व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस को नामजद तहरीर दिया था। घटना के 10 दिन बाद भी मौत के कारणों की तह में जाने में पुलिस नाकाम रही।

मृतक की पत्नी शांति देवी ने आरोप लगाया पुलिस घटना को दूसरा मोड़ देना चाह रही है। पुलिस आरोपित से मिली हुई है। बताया उस दिन गांव के ही दो व्यक्तियों ने फोन करके रामसुभग को घर से बुलाया था। उसके बाद देर रात उनके मौत की जानकारी परिजनों को मिली थी।