गरीब परिवार के बच्चों का होगा कॉन्वेंट स्कूलों में दाखिला, न हो DM को करें फोन

गरीब परिवार के बच्चों का होगा कॉन्वेंट स्कूलों में दाखिला, न हो DM को करें फोन

चंदौली।जिले के जिला अधिकारी ने जनपद के गरीब व असहाय बच्चों को कॉन्वेंट की शिक्षा दिलाने के लिए कॉन्वेंट विद्यालय के के प्राचार्य एवं प्रबंधकों को दिए कड़े निर्देश जिले में 25% असहाय और गरीब बच्चों को शिक्षा देना अनिवार्य करते हुए आदेश जारी कर दिया है।

 

कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिला अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कॉन्वेंट विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधकों के साथ बैठक कर उन्हें उनके अधिकार का बोध कराते हुए कहा कि जनपद में सभी को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार प्रदान है चाहे व गरीब हो या अमीर बच्चा हो। कान्वेंट विद्यालयों द्वारा निर्धन व गरीब बच्चों को अपने अकैडमी में शामिल नहीं करने से बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं जिसके तहत प्री नर्सरी से लेकर 8 तक के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है जिसको लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन कुल 1300 गरीब और असहाय बच्चों ने आवेदन किया था जिसमें जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी की पहल से 1205 बच्चों को इस वर्ष कान्वेंट स्कूल में शिक्षा दिलाने का प्रावधान है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों को 25% एडमिशन लेना अनिवार्य कर दिया है और उसकी शिक्षा की फीस पूर्ति के लिए विभाग द्वारा तय किए मानक के अनुसार उन विद्यालयों को उसकी धनराशि मुक्त कर दी जाएगी ।

इस संबंध में जिला अधिकारी ने बताया कि यदि कानवेंट विद्यालयों द्वारा इन गरीब बच्चों को शिक्षा देने में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली की गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए, उनकी मान्यता भी समाप्त की जा सकती है ।वही जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि इन बच्चों का दाखिला करा कर तत्काल ही सूची शासन शासन को भेज दिया जाए।

उन्होंने आरटीई अधिनियम के तहत गरीब परिवार के बच्चों का स्कूलों में दाखिल दिलाने पर बल दिया। वहीं मलीन बस्तियों में कैंप लगाकर साप्ताहिक कक्षाएं चलाने का भी निर्देश दिया। इससे बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

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