चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके में ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही हद दर्जे की हुई तो जिला पंचायत राज अधिकारी उमा शंकर मिश्र गुरुवार को एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने आठ सचिवों का वेतन रोका दिया। विकास कार्यों में व्यय हुई धनराशि की आनलाइन फीडिंग को जल्द पूर्ण कराने की हिदायत दी। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी।

इसके साथ ही साथ मनरेगा के कार्यों में रुचि नहीं लेने पर पांच तकनीकी सहायकों व 23 रोजगार सेवकों का भी वेतन रोक दिया गया है। कार्रवाई से अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

ब्लाक के 43 ग्राम पंचायतों में व्यय धनराशि को प्रिया साफ्ट में फीडिग कराने में लगातार सचिवों द्वारा हीलाहवाली की जाती रही। डीपीआरओ ने पूर्व में लापरवाह सचिवों को चेतावनी भी दी थी। लेकिन इसके बाद भी उनके कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ। राज्य वित्त, 13 व 14 वां वित्त व चतुर्थ वित्त की गत दिनों समीक्षा हुई। इसमें आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों के अधिकांश गांवों की फीडिंग अपूर्ण मिली।

इसे डीपीआरओ ने गंभीरता से लिया और अप्रैल माह के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। वहीं, मनरेगा में ब्लाक की खराब प्रगति पर बीडीओ पवन सिंह ने नाराजगी जताया। पांच तकनीकी सहायकों व 23 रोजगार सेवकों का मार्च, अप्रैल व मई माह का वेतन रोक दिया।

उसके साथ साथ चेताया कार्यों को तेजी से नहीं कराया तो सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी। बीडीओ ने बताया मनरेगा योजना से तालाब की खोदाई, पुलिया, चकरोड व नाली का निर्माण शुरू नहीं कराया गया है। मजदूर काम नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं।