चंदौली जिले में तीन दिन की राहत के बाद एकबार फिर गरज-बरस के साथ मूसलाधार बारिश का नजारा देखने को मिला। आसमान में बुधवार की दोपहर अचानक काले बादल से लोगों की धड़कन बढ़ गई थी। वहीं शाम को झमाझम बारिश का सिलसिला रूक-रूक कर देर रात तक जारी रहा। आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोग झुलस गए व एक भैंस की मौत हो गई।

पिछले सप्ताह चार दिन तक मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। चहुंओर जलभराव से लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया था। हालांकि नवरात्र के पहले दिन से मौसम साफ होने पर लोगों ने राहत की सांस ली थी। दुर्गा पूजा कमेटी व मूर्तिकार भी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गए। लेकिन बुधवार को एकबार फिर बारिश का नजारा देखने को मिला। अचानक झमाझम बारिश से दुर्गा पूजा की तैयारी में भी व्यवधान पड़ा।

उधर, आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोग झुलस गए। नौगढ़ थाना क्षेत्र के झुमरियां गांव में आकाशीय बिजली से 40 वर्षीया जोखनी देवी, जरहर गांव में 65 वर्षीया चारमुनी देवी और मलेवर गांव में 25 वर्षीया दीपिका विश्कर्मा झुलस गए। परिजनों ने आनन-फानन में सीएचसी में भर्ती कराया। जहां चारमुनी देवी की हालत चिंताजनक देख डॉक्टरों ने संयुक्त जिला अस्पताल चकिया रेफर कर दिया।

 

इसके साथ साथ चकिया कोतवाली भीषमपुर गांव में आकाशीय बिजली से 28 वर्षीय गीता आंशिक रूप से झुलस गई। मूसाखाड़ गांव में 35 वर्षीया गायत्री, 30 वर्षीया संगीता, 15 वर्षीय सोनू व 7 वर्षीय आकाश झुलस गए। सभी को जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलिया थाना क्षेत्र के सैदूपुर गांव निवासी जितेंद्र मौर्या के भैंस की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। बारिश से रसिया मड़ई में महेंद्र प्रजापति का कच्चा मकान धराशाई हो गया। गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। उधर, शिकारगंज चौकी क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में शिव मंदिर के समीप विशालकाय पीपल का पेड़ गिर गया।