खुलेआम दें चेतावनी : नेता जी इस साल पानी नहीं तो अगले साल से वोट भी नहीं...!

खुलेआम दें चेतावनी : नेता जी इस साल पानी नहीं तो अगले साल से वोट भी नहीं…!

चंदौली जिले के सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे भले ही अपने आप को विकास पुरुष कहलाने का गौरव अपनी भारतीय जनता पार्टी के लोगों द्वारा प्राप्त कर लिया हो लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या वह सांसद के रुप में जिले के साथ न्याय कर रहे हैं। जिले की किसानों की समस्या के लिए कभी अफसरों की नकेल कस रहे हैं। क्या सिंचाई बंधु व किसान दिवस की बैठकों में आने वाली समस्याओं से सांसद जी या जिले में घूमने वाले उनके प्रतिनिधि वाकिफ हैं। अगर हैं तो क्या उन्हें हल कराकर वास्तव में वह  सांसद जी को चंदौली जिले के लिए विकास पुरुष बनने की कोशिश कर रहे हैं।

चंदौली जिले के कई इलाकों की किसान सिंचाई के पानी की समस्या से पिछले कई सालों से जूझ रहे हैं।  पहले बसपा फिर  समाजवादी पार्टी और अब भारतीय जनता पार्टी के नेता आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही हैं और कुछ इलाकों में पानी की समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है । सत्ताधारी दल के नेता जब सत्ता में रहते हैं तो उन्हें उससे कोई लेना देना नहीं रहता है और जब विपक्ष में रहते हैं तो केवल सरकार और अधिकारियों के सामने हल्ला करते हैं।

आज चंदौली जिले के किसान यहां के जन प्रतिनिधियों और अफसरों से सवाल पूछ रहे हैं….

भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी मंत्री और सांसद और प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे हो या फिर विधायक सुशील सिंह, साधना सिंह और शारदा प्रसाद … क्या यह लोग इमानदारी से उन इलाकों में जाते हैं जहां पानी की समस्या है…!

क्या यह अधिकारियों से बात करते हैं और उस समस्या को यथाशीघ्र समय बद्ध तरीके से दूर करने की बात कहते हैं….!

क्या अधिकारियों के पास किन इलाकों के पानी की समस्या को दूर करने की कोई योजना है और क्या हुआ इस पर काम कर रहे हैं….!

क्या चंदौली जिले के मुख्य विकास अधिकारी या जिला अधिकारी को इस समस्या से कोई लेना देना है और वे इसके लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कुछ कर रहे हैं…

किसानों की आय दोगुनी करने के नाम पर करोड़ों रुपए का बजट कब आने वाले जिला कृषि के उपनिदेशक या जिले के जिला कृषि अधिकारी सभी किसानों की बातों को गंभीरता से सुनकर और अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में इसका हल खोजने की कोशिश कर रहे हैं…!

यदि नहीं, तो इन इलाकों के किसानों से अपील की जाएगी की कि  जब नेता या अधिकारी उनके इलाके में वोट मांगने के लिए जाएं या फिर अफसर किसी योजना या मतदान की तैयारी के लिए जायं तो उनको वह अपने इलाके से भगा दें। सिंचाई की समस्या से प्रभावित हर गांव में जाकर  गांव गांव में बैनर लगवाने की पहल की जाएगी कि हमारी समस्या न सुनने वाले नेताओं व अधिकारियों की हमें जरूरत नहीं है… अगर इस साल पानी नहीं तो अगले साल वोट भी नहीं।

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