सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा- यह है वन विभाग पर धरने की 'सच्चाई'

सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा- यह है वन विभाग पर धरने की ‘सच्चाई’

जनपद के उत्तर प्रदेश बिहार बार्डर नौबतपुर का वन विभाग चेकपोस्ट इन दिनों चर्चा में बना रहा और जब समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वहां जा धमके तो कहानी ही बदल गई। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि यह धरना  भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए किया जा रहा था। इसमें एक बड़ी साजिश है, जिसमें भाजपा के सांसद व स्थानीय विधायक सब शामिल हैं।

भाजपा नेता व पूर्व प्रमुख की अगुवाई में वन विभाग पर भ्रष्टाचार को लेकर तीन दिनों से चल रहे धरना में नया मोड़ आ गया जब सपा के सैयदराजा ले पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू पहुचे तो वहां पहले तो माहौल तनाव ग्रस्त हो गया और बाद में धरने को खत्म करना पड़ा और अधिकारियों व धरना दे रहे लोगों के बीच जांच की बात को लेकर सहमति बनती दिखी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की लडाई में समर्थन देने के लिए सपा के पूर्व सैयदराजा विधायक मनोज सिंह डब्लू जब वहां धरना स्थल पर पहुंचे तो पहले भाजपाइयों ने उन्हें अपने पार्टी का धरना कह कर विरोध किया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने पहुंचकर उन्हें पूर्व विधायक को गाड़ी से बाहर आने से रोकने लगी और कहीं कि आप अगर धरना स्थल पर जाएंगे तो ला एंड ऑर्डर खराब हो जाएगा ।

सैयदराजा के पूर्व विधायक ने  कहा 

मैं भी यहां का नागरिक हूं और इस क्षेत्र का बेटा हूं। इस नाते मैं इस समय धरने में समर्थन प्रदान करने के लिए आया हूं। यह धरना भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नहीं, भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि इस विभाग से यहां के सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही साथ इस क्षेत्र के विधायक की भी हिस्सेदारी मिला करती है। अपना हिस्सा नही मिलने के कारण धरना करके अपना इस विभाग से हिस्सेदारी लेने का दबाव बनाया जा रहा है। यह कहीं न कहीं भ्रष्टाचार बढ़ाने का कार्य है। इस भ्रष्टाचार में सांसद और विधायक वर्तमान सांसद व विधायक भी पूरी तरह संलिप्त हैं । धरना दे रहे महेन्द्र सिंह पहले समजवादी पार्टी थे इसी भ्रष्टाचार के कारण इनको पार्टी से निकाला गया था।

मनोज सिंह  ने  मौके पर चुनौती देते हुए कहा था यदि धरना समाप्त नहीं हुआ तो  इस धरने में कूदेंगे और जनतो को साथ लेकर  दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। फिर क्या था..शाम होते होते अफसर नेता दोनों ने अपनी जिद छोड़ी और धरना समाप्त हो गया।

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