चंदौली जिले के महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज के ग्राउंड में मंगलवार की सुबह अचानक दंगा भड़क गया। सूचना पाते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। दंगाइयों को शांत कराने के लिए पुलिस आगे बढ़ रही थी कि अचानक दंगाई उग्र हो गए और पुलिस पर टूट पड़े। स्थिति इतनी विकट हो गई कि सदर एसडीएम हीरालाल को लाठीचार्ज व फायरिंग का निर्देश देना पड़ा। पुलिस की फायरिग में एक दंगाई की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कई घायल हो गए। स्थिति नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को कई राउंड फायरिग व आसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस और दंगाई में गुरिल्ला युद्ध को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। एक बारगी तो सभी सोच रहे थे कि यह असली लड़ाई है, लेकिन बाद में पता चला कि पुलिस की मॉक ड्रिल चल रही है।


पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यालय स्थित महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज ग्राउंड में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पुलिसकर्मियों को बलवा के दौरान उपद्रवियों व दंगाइयों से निबटने की चुनौती दी गई। लेकिन अफसरों की टीम व पुलिसकर्मी माहौल को शांत कराने में नाकाम रहे। पुलिस की सुस्ती का आलम रहा कि दंगाई पूरी तरह से बेकाबू हो गए और मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज व फायरिग करनी पड़ी। कई राउंड फायरिंग व आसू गैस के गोले दागने पड़े। मॉक ड्रिल में आंसू गैस, वाटर कैनन, फायरिग व लाठी चार्ज का प्रशिक्षण दिया गया।

 

सीओ के साथ ही पुलिसकर्मियों में नियमों व मानकों की जानकारी का अभाव दिखा। दंगा नियंत्रण में मातहतों की नाकामी पर एसपी ने गहरी नाराजगी जताते हुए जमकर क्लास लगाई। सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय को पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। बोले, पुलिसकर्मियों को ऐसी स्थिति से निबटने में दक्ष बनाया जाए।

बताया जा रहा है कि अब हर माह मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। सकलडीहा एसडीएम रामसजीवन मौर्या, सीओ सकलडीहा प्रदीप सिंह चंदेल, सदर कोतवाल लक्ष्मण पर्वत, मुगलसराय कोतवाल शिवानंद मिश्रा, एसओ एसपी सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल थे।