चंदौली जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से रुपये ऐंठने वाला जालसाज मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे चंधासी कोयला मंडी से गिरफ्तार किया गया। आरोपित पिता-पुत्र नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक दर्जन युवकों के तकरीबन 55 लाख रुपये डकार गए। भुक्तभोगियों ने विगत वर्ष मार्च माह में दोनों के विरुद्ध मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत करवाया था। तभी से पुलिस को इनकी तलाश थी। आरोपित पुत्र को धर दबोचा गया।

चंधासी चौकी प्रभारी मनोज तिवारी को सूचना मिली की ठगी और जालसाजी के आरोपों में वांछित कोल मंडी में मौजूद है। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने उसे पकड़ लिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि लगभग एक दर्जन बेरोजगार युवकों ने विगत वर्ष मार्च महीने में कोतवाली में कैलाशपुरी निवासी ओम प्रकाश दिगंत के विरुद्ध तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उसने कई युवाओं से लगभग 55 लाख रुपये ले रखे हैं।

वह अक्सर काम लगवाने का झांसा देता रहा और जब दबाव बढ़ा तो घर छोड़ फरार हो गया है। इसी बीच ओमप्रकाश के पुत्र अमित ने कोतवाली में अपने पिता के अचानक गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। उधर पैसा नहीं मिला तो पीड़ितों ने अमित के खिलाफ भी मुकदमा पंजीकृत करवा दिया।

पुलिस पूछताछ करने गई तो पता चला कि वह भी रफूचक्कर हो चुका है। इसके बाद से ही दोनों आरोपितों की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।