ग्राम प्रधानों ने बुधवार को डीएम का घेराव करने की दी चेतावनी

ग्राम प्रधानों ने बुधवार को डीएम का घेराव करने की दी चेतावनी

शौचालय निर्माण में अनियमितता के आरोप में ग्राम प्रधानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग को लेकर ग्राम प्रधानों का धरना व अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी विकास भवन के समीप धरनास्थल पर जारी रहा। ग्राम प्रधानों ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। एसडीएम आशीष सिंह व डीडीओ पद्मकांत शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पहुंचकर चार घंटे तक मान मनौव्वल किया। लेकिन ग्राम प्रधान अपनी मांग पर अड़े रहे। वहीं बुधवार को डीएम का घेराव करने की भी चेतावनी दी।

अनशनरत अखिल भारतीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण में देरी जिला प्रशासन के उदासीन रवैये का परिणाम है। अपना गला फंसते देख प्रशासनिक अधिकारी अब ग्राम प्रधानों पर इसका ठिकरा फोड़ने में लगे हुए हैं। शौचालय निर्माण की मानीटरिंग व समीक्षा की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते स्वच्छ भारत मिशन योजना परवान नहीं चढ़ रही है। इसको लेकर ग्राम प्रधानों को फंसाने का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के दस ग्राम प्रधानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई। जिला प्रशासन तानाशाही रवैया अख्तियार कर ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न कर रहा है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सदर एसडीएम आशीष सिंह, डीडीओ पद्मकांत शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी पांडेय व डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह ने धरनास्थल पहुंचकर ग्राम प्रधानों की करीब चार घंटे तक मान मनौव्वल की। वहीं स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग करने की अपील की। इससे जनपद को 2 अक्तूबर तक खुले में शौचमुक्त किया जा सकेगा। लेकिन इसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। ग्राम प्रधान मुकदमा वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। चेताया बुधवार को जिलाधिकारी का घेराॅव कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही यदि मांगों पर अमल नहीं किया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप देने को विवश होंगे।

धरना में रामध्वजा सिंह, पुष्पराज सिंह, कृष्णकांत द्विवेदी, अशोक सिंह, अखिलेश मिश्रा, बब्बन यादव, सुजीत सिंह, शमशेर सिद्दीकी आदि शामिल रहे।

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