जिला मुख्यालय के कचहरी के समीप स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल में पैसे के लिए मरीज को बंधक बनाने के मामले को लेकर पीड़ित के साथ कांग्रेसियों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर हंगामा किया। साथ ही इसकी शिकायत सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव से की। इस दौरान उन्होंने तत्काल मामले की जांच के लिए उपजिलाधिकारी हीरालाल को निर्देशित किया। एसडीएम ने शाम चार बजे निजी अस्पताल में पहुंचकर विधिवत जांच पड़ताल की।

सकलडीहा क्षेत्र के नागेपुर निवासी त्रिरशू की पत्नी रीना देवी को प्रसव के लिए सोमवार को नगर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान बच्चा मृत अवस्था में निकला। लेकिन महिला की हालत नाजुक देख डाक्टरों ने परिजनों से पांच यूनिट ब्लड की मांग की। साथ ही इसके बदले प्रति बोतल सात हजार रुपये मांगा। माली स्थिति ठीक न होने के कारण पीड़ित किसी तरह चार यूनिट ब्लड का इंतजाम किया। इसके लिए उसने गांव में लोगों से चंदा लिया। लेकिन पूरे पैसे की व्यवस्था नहीं कर सका।

आरोप लगाया कि पैसे के लिए मरीज को नहीं छोड़ा जा रहा है। इसकी जानकारी होने पर कांग्रसियों ने पीड़ित के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। वहीं एडीशनल सीएमओ को पत्रक सौंपा। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी से भी शिकायत की। इसपर उन्होंने सदर एसडीएम को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया। एसडीएम ने अस्पताल में पहुंचकर पीड़ित के साथ ही अस्पताल के डाक्टरों का बयान दर्ज किया। इसके बाद एसडीएम ने मौके पर ही मामले का निराकरण कर दिया। इस दौरान सदर कोतवाल लक्ष्मण पर्वत भी मौजूद रहे।