कोतवाल आशुतोष ओझा ने ऐसे सुनी एक रोते हुए बच्चे की शिकायत, होगी कार्रवाई

कोतवाल आशुतोष ओझा ने ऐसे सुनी एक रोते हुए बच्चे की शिकायत, होगी कार्रवाई

कहा जाता है कि न्याय पाने के लिए जागरुक होना जरूरी है, साथ ही पुलिस के पास जाकर अपनी बात या फरियाद करने की आपके अंदर हिम्मत भी होनी चाहिए। कुछ ऐसा ‌ही मामला आज सदर कोतवाली में देखने को मिला। एक सात वर्षीय बालक ने दो लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी।

 

बच्चे की बात को सुनकर कोतवाली के प्रभारी आशुतोष ओझा ने भी रोते बिलखते बालक को पानी पिलाने के बाद उसकी बातों को इत्मिनान से सुना और उसे न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बालका को एक पुलिस कर्मी के साथ बाइक पर बैठाकर उसके घर पहुंचाने का आदेश दिया।

 

बताया जा रहा है कि आज सुबह एक बालक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कोने में खड़ा होकर रो रहा था, लेकिन जब उस पर कोई ध्यान नहीं दिया तो चन्दौली कोतवाली में आ गया और वहीं खड़ा होकर रोने लगा।  कोतवाली में तैनात अन्य पुलिस कर्मी बालक को नजर अंदाज करके अपने कार्यों में व्यस्त रहे।

 

थोड़ी देर बाद जब कोतवाल आशुतोश ओझा की निगाह जैसे ‌ही रोते बिलखते बालक पर पड़ी तो उन्होंने उसे अपने पास बुलाकर उसकी परेशानी के बारे में पूछा। रोते बिलखते हुए बालक ने बताया कि उसका नाम अमित है और सदर कोतवाली के बिछिया कला गांव का निवासी है। सुबह वह अपने घर के पास खेल रहा था त‌भी साइकिल से आए दो लोगों ने बिना कारण बताए उसे गाली देने के बाद मारने पीटने लगे। जिससे वह काफी भयभीत हो गया। लेकिन घर जाने के बजाय उसने लोगों को सजा दिलाने के लिए कोतवाली जाना बेहतर समझा।

कोतवाल आशुतोष ओझा ने बालक की बातों को सुनने के बाद एक महिला पुलिस कर्मी के द्वारा बालक के बताए बातों को प्रार्थना पत्र पर लिखवाया और उसे कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए उसका हौसला बढ़ाया। कोतवाल ने एक सिपाही के बाइक से बालक को उसके घर बिछिया पहुंचा दिया।

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