चंदौली जिले में तैनात कई पशुधन प्रसार अधिकारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। पता चला है कि इनकी भर्तियों में कुछ धांधली हुई थी। उसी के कारण उनकी सर्विस बुक के साथ ही पूरी रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी की गई है। शासन की ओर से तलब की रिपोर्ट के बाद विभाग में खलबली मची है।

पता चला है कि वर्ष 2012-13 में सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी पद पर हुई भर्तियों में व्यापक स्तर पर धांधली का मामला प्रकाश में आया है। मानक की अनदेखी करते हुए चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई। सीबीआइ जांच में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस दौरान नौकरी पाने वाले पशुधन प्रसार अधिकारियों की नौकरी भी अब खतरे में है।

चंदौली जनपद के एवती पशु चिकित्सा केंद्र में तैनात रमेश प्रसाद चौरसिया, कमालपुर में सुरेंद्र कुमार, जमसोती में शैलेष चौधरी, उदयपुरा में पीयूष कुमार, भीषमपुर में पंकज कुमार सिंह, रामगढ़ में सुनील पांडेय व गायघाट में तैनात श्वेता पांडेय ने भी 2012-13 में नौकरी प्राप्त की थी। भर्ती में धांधली पर शासन की सख्ती के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है।

मामले में जांच पड़ताल शुरू होने पर इन अधिकारियों के सर्विस बुक का अवलोकन कर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। ताकि शासन से मांगे जाने पर तत्काल भेजी जा सके। 2012-13 में नौकरी पाने वाले जिले में तैनात पशुधन प्रसार अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन से मांगे जाने पर तत्काल भेजी जाएगी।