एक हालिया शोध के अनुसार महिलाओं की एपिसोडिक याददाश्त पुरुषों से बेहतर होती है। इस वजह से वह शब्दों और चेहरों को ज्यादा याद रख पाती हैं।

एक व्यक्ति के पास कई तरह की याददाश्त होती है जिसकी मदद से वह चीजों को याद रख पाता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण तरह की याददाश्त को एपिसोडिक कहते हैं। एपिसोडिक मेमोरी में वह यादें होती हैं जो निजी तौर पर अनुभव की हुई घटनाओं से जुड़ी होती है। हालांकि, जरूरी नहीं है कि हर कोई इस तरह की एपिसोडिक यादों को अच्छे तरीके से याद रख पाए।

स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट में किए गए शोध में कई पूर्व के शोधों के परिणामों की समीक्षा की गई। इन शोधों में पुरुषों और महिलाओं की एपिसोडिक याददाश्त का विवरण था। पत्रिका साइकोलॉजिकल बुलेटिन में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि महिलाएं कुछ तरह की एपिसोडिक चीजें याद रखने में पुरुषों की तुलना में बेहतर होती हैं।

प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर अगनेता हरलित्ज और उनकी टीम ने 617 शोधों के परिणामों की समीक्षा की। यह सारे शोध 1973 से 2013 के बीच किए गए थे। इनमें तकरीबन 12 लाख प्रतिभागी शामिल हुए थे। इन शोधों की समीक्षा करने के बाद शोधकर्ता मार्टिन एस्परहोल्म ने कहा, परिणाम दर्शाते हैं कि एपिसोडिक मेमोरी के मामले में महिलाएं पुरुषों से बेहतर होती हैं। इसलिए उन्हें लोगों के चेहरे और शब्द ज्यादा याद रहते हैं।

पुरुषों को याद रहते हैं रास्ते तो वहीं महिलाओं को शब्द और किसी की कही हुई बातें ज्यादा याद रहती हैं। फिल्म के डायलॉग भी महिलाओं को ही ज्यादा याद रहते हैं।

महिलाएं चेहरे और संवेदक तस्वीरें याद रखने में भी पुरुषों की तुलना में बेहतर होती हैं। वहीं, पुरुषों को तथ्यात्मक चीजें और रास्ते व दिशाएं ज्यादा याद रहती हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में गंध की ज्यादा पहचान होती है। शोध से पता चलता है कि पुरुष और महिलाएं कुछ-कुछ चीजें याद रखने में महारत रखते हैं और इसका उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ता है।