16 वर्षीय मनीष यादव ने अपने कमरे में फांसी लगाकर दे दी जान

16 वर्षीय मनीष यादव ने अपने कमरे में फांसी लगाकर दे दी जान

मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मवईकलां गांव में शनिवार की दोपहर जमुना प्रसाद का बड़ा बेटा 16 वर्षीय मनीष यादव ने अपने कमरे में फांसी लगाकर इहलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद परिजनों में खलबली मच गई। रोते बिलखते परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए ही शव का दाह संस्कार कर दिया। पड़ोसियों की माने तो रिंग रोड परियोजना में मनीष के परिवार की चार बिस्वा जमीन अधिग्रहित हो गई थी। इससे पूरा परिवार चितिंत था। हालांकि मनीष के आत्महत्या के पीछे कारण पता नहीं चल सका।

 

मवईकला निवासी किसान जमुना प्रसाद खेतीबाड़ी कर अपने दो बेटे 16 वर्षीय मनीष, 14 वर्षीय अनीष व पत्नी के साथ अपनी गृहस्थी चला रहा है। वह 14 बिस्वा जमीन पर खेतीबाड़ी करता है। इधर रिंग रोड परियोजना के तहत उसकी चार बिस्वा जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी। बिना मुआवजा के चार बिस्वा जमीन चले जाने से परिवार परेशान चल रहा था। जमुना का बेटा मनीष मुगलसराय के एक निजी विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र था।

 

 

वह शनिवार की दोपहर लगभग तीन बजे अपनी मां से कपड़ा धोने की बात कहते हुए अपने कमरे में चला गया। काफी देर बाद भी कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिजनों को चिंता बढ़ गई। परिजनों ने मनीष को आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। किसी अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर मनीष पंखे के सहारे साड़ी के फंदे पर लटकता दिखा।

 

 

जीवित होने की आशंका पर उसे नीचे उतारा गया, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थी। रोते बिलखते परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से गंगा घाट पर दाह संस्कार कर दिया। इस बाबत मुगलसराय कोतवाल शिवानंद मिश्रा ने पूछे जाने पर बताया कि इस तरह के घटना की जानकारी नहीं हुई है।

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