चंदौली जिले की पांच ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के दौरान ग्राम प्रधान की ओर से 50 लाख से अधिक गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। अब ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। विकास कार्यों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।

नौगढ़ ब्लाक के गंगापुर गांव में ग्राम प्रधान की ओर से विकास कार्यों में धांधली की शिकायत मिली थी। पंचायती राज अधिकारी ने एडीओ पंचायत के जरिये अपने स्तर पर जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। मनरेगा, आवास, रास्ते का निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में तकरीबन 39 लाख रुपये की धांधली सामने आई।

डीपीआरओ ने प्राथमिक जांच आख्या को अवलोकन के लिए सीडीओ के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। विभाग गांव में विकास कार्यों के सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीम गठित करेगा। इसके अलावा चकिया ब्लाक के रामपुर कला, कुदरां, लठौरा व भीषमपुर गांवों में ग्राम प्रधानों की ओर से विकास कार्यों में 10 लाख रुपये से अधिक की धांधली की शिकायत मिली थी।

ग्रामीणों ने बकायदे हलफनामा प्रस्तुत कर ग्राम प्रधानों पर धांधली का आरोप लगाया था। साथ ही जिला प्रशासन से विकास कार्यों का सत्यापन कराने की मांग की थी।

इस पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती व तकनीकी सहायक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। जांच टीम को गांवों में जाकर विकास कार्यों का सत्यापन करने के साथ ही ग्रामीणों का बयान दर्ज करने को कहा गया है। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही।

सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर विकास कार्यों के सत्यापन को जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच आख्या के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नौगढ़ ब्लाक के गंगापुर ग्राम पंचायत में धांधली की जांच को जल्द ही जिलाधिकारी स्तर से जांच टीम गठित की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर ग्राम प्रधानों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वित्तीय अधिकार सीज करने की कार्रवाई हो सकती है। गबन की गई धनराशि की रिकवरी भी कराई जाएगी।