चंदौली जिले के चकिया इलाके में चार दिन से लगातार हो रही बारिश का असर कच्चे व जर्जर मकानों पर पड़ने लगा है। गुरुवार की सुबह कोतवाली के शाहपुर गांव में जर्जर कच्चा मकान धराशायी हो जाने से मां सविता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दूधमुंहा पुत्र शिवा घायल हो गया। हादसे में परिजनों का रोना पीटना शुरू हो गया। मौके पर बस्तीवासियों की भारी भीड़ जुट गई।

शाहपुर गांव की दलित बस्ती में सुबह धीरज राम की पत्नी सविता रसोईघर में भोजन बना रही थी। रात से हो रही बारिश का क्रम सुबह भी जारी रहा। इसी बीच अचानक रसोई घर भरभरा कर सविता के ऊपर गिर पड़ा। इससे मां व पुत्र मलबे में दब गए। हादसा होते देख घर में अफरातफरी मच गई।

ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण मलबे में दबे मां व पुत्र को जब तक बाहर निकालते, मां की सांसें थम चुकी थीं। पुत्र शिवा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आनन-फानन में दोनों को संयुक्त चिकित्सालय ले आए। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सविता को मृत घोषित कर दिया। घायल नौनिहाल का इलाज शुरू किया गया।

चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चे की स्थिति स्थिर है। परिजनों के मुताबिक भोजन बनाने के बाद जैसे ही वह रसोई से निकलकर रही थी, तभी बल्ला टूटने से मकान का मलबा उनके ऊपर गिर पड़ा। इससे वह अपने पुत्र शिवा मलवे में दब गई। घटना की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।