कलेक्ट्रेट, अस्पताल व क्रय केन्द्र का निरीक्षण कर बोले मृत्युंजय कुमार नारायण : लापरवाही ठीक नहीं

कलेक्ट्रेट, अस्पताल व क्रय केन्द्र का निरीक्षण कर बोले मृत्युंजय कुमार नारायण : लापरवाही ठीक नहीं

चंदौली जिले में आए सीएम के सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण ने बुधवार को निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरपी सिंह को निर्देश दिया कलेक्ट्रेट का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करें। मार्च में वे इसका निरीक्षण करने आएंगे। उस दौरान कोई बहाना नहीं सुनेंगे।

 

नीति आयोग के निर्धारित बिंदुओं की समीक्षा बैठक के बाद सचिव ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। समयाभाव के कारण वे निर्माणाधीन जिलाधिकारी कार्यालय की ही प्रगति देख पाए। कार्य पर संतोष जताया लेकिन हिदायत दी इसमें और तेजी लाएं। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया डीएम कार्यालय फरवरी माह तक हर हाल में तैयार हो जाएगा। बोले ध्यान रहे मार्च में वे पुन: निरीक्षण पर आएंगे और काम अधूरा रहा तो कुछ नहीं सुनेंगे, उस दौरान कोई बहाना भी नहीं चलेगा। उन्हें कलेक्ट्रेट का माडल दिखाया गया तो बोले कि काम पूरा करो माडल मत दिखाओ।

 

मुख्यमंत्री के सचिव मृत्युंजय नारायण ने बुधवार को निर्माणाधीन कलक्ट्रेट भवन के बाद  धान क्रय केंद्र, मातृ शिशु विंग व जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल के भर्ती वार्डों में मरीजों का हाल जाना। वहीं दवा स्टोर का भी जायजा लिया। स्टोर संचालक ने संयुक्त चिकित्सालय चकिया में कम दवाओं की बिक्री व डाक्टरों की बाहर की दवा की पर्ची लिखने की शिकायत की। इस पर सचिव भड़क उठे। उन्होंने सीएमओ को बीते छह माह में दवाओं की बिक्री व चिकित्सकों की लिखी दवाओं की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया।

 

इसके बाद सचिव नवीन कृषि मंडी पहुंचे। उन्होंने विपणन शाखा व यूपी एग्रो के धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। डिप्टी आरएमओ व केंद्र प्रभारी से अब तक हुई खरीद की जानकारी ली। वहीं पंजीकरण सूची व रजिस्टर आदि का भी अवलोकन कर धान खरीद की प्रगति जानी। किसानों का समय से भुगतान का आदेश दिया। पंजीकृत वाले किसानों से लगातार संपर्क स्थापित कर धान खरीदने का निर्देश दिया। धान क्रय के 24 घंटे के अंदर किसानों के खाते में धनराशि का भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने बिचौलियों की नकेल कसने की भी हिदायत दी।

 

इसके बाद जिला अस्पताल परिसर में मातृ व शिशु विंग पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डा. केसी सिंह से अस्पताल में सुविधाओं व मरीजों के इलाज के बारे में पूछताछ की। वार्डों में पहुंचकर मरीजों से हाल जाना। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर बल दिया। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। वार्डों में सफाई व्यवस्था व स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की। दवा स्टोर के संचालक सतीश सिंह की शिकायत पर संयुक्त चिकित्सालय चकिया में डाक्टरों के बाहर से दवा लेने की पर्ची लिखने पर भड़क उठे। उन्होंने सीएमओ डा. पीके मिश्रा को छह माह की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। कहा कि दवाइयों की बिक्री व अस्पताल में डाक्टरों की लिखी पर्चियों के आंकड़े की माहवार रिपोर्ट तैयार कर भेजें।

 

लापरवाह चिकित्सकों व चिकित्सा अधीक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर डीएम नवनीत सिंह चहल, सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, सीएमएस डा. अरविंद सिंह, डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।

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