इस परीक्षा में फुल शर्ट और जूते न पहनें छात्र-छात्राएं, यह भी न करें आप

इस परीक्षा में फुल शर्ट और जूते न पहनें छात्र-छात्राएं, यह भी न करें आप

अगर आप उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि और प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा (यूपीसीएटीईटी) देने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। 16 मई 2018 को होने वाली परीक्षा के लिए नए नियम बनाए गए हैं।

इसके लिए छह शहरों में 33 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा में 20 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। परीक्षा आयोजित होने वाले प्रत्येक नगर में शासन ने उस नगर के संयुक्त कृषि निदेशक को नोडल अधिकारी नामित है। परीक्षा के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया गया है।

कृषि विश्वविद्यालय बांदा इस बार प्रदेश के छह शहरों कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, लखनऊ और बनारस में संयुक्त प्रवेश परीक्षा करा रहा है। इसके लिए परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसमें ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा। परीक्षा हॉल में लड़कों को फुल आस्तीन की शर्ट या फुल टी शर्ट ओर जूते पहनकर आने पर रोक है तो लड़कियों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे ड्रेस पहनकर आएं जिनमें बटन नहीं हों। पैरों में स्लीपर या सैंडिल ही होनी चाहिए। कैप (टोपी)लगाकर आने पर मनाही है। रंगीन चश्मा, कलाई में किसी तरह का पट्टा बांधकर आना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सेंटर पर मोबाइल, लैपटॉप और किसी तरह के इलेक्ट्रानिक गैजेट्स लाने पर रोक रहेगी।

सेंटरों पर तीन स्तरीय टीम
तीन स्तरों पर अफसरों की टीम रहेगी। एक शासन स्तर की बनी टीम होगी, दूसरी विवि स्तर की और तीसरी सेंटर व्यवस्थापक की टीम शामिल होगी। सुरक्षा के लिए डीएम और एसएसपी को शासन स्तर से नामित किया गया है।

वीडियोग्राफी और सीटीटीवी से निगरानी
विवि प्रशासन के मुताबिक इस बार मुन्नाभाइयों और सॉल्वर पर निगाह रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होने के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। रजिस्ट्रार एनके वाजपेई के मुताबिक परीक्षा हाल में हर परीक्षार्थी की फोटोग्राफी होगी। जो छात्र अनुपस्थित होंगे उनकी खाली सीट की फोटो खींची जाएगी। काउंसिलिंग के लिए तीन स्तरों पर फोटो मिलान की रूपरेखा बनी है।

छात्रों के ओएमआर नम्बर आवंटित होकर आएंगे.
इस बार परीक्षा में छात्रों को रोल नम्बर के हिसाब से ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र बुकलेट मिलेगा। अगर परीक्षार्थी अनुपस्थित रहते हैं तो उनके ओएमआर व प्रश्नपत्र बुकलेट को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

पीएचडी की परीक्षा सिर्फ तीन शहरों में

पीएचडी की प्रवेश परीक्षा सिर्फ तीन शहरों में होगी। रजिस्ट्रार एनके वाजपेई के मुताबिक कानपुर, फैजाबाद और मेरठ विवि में ही पीएचडी की सुविधा है, इसलिए इन्हीं तीन शहरों में परीक्षा होगी। माना जा रहा है सीटों की संख्या सीमित होने और उसी हिसाब से छात्रों की संख्या को देखते हुए विवि ने यह फैसला किया है।

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