चंदौली जिले के चकिया तहसील में स्थित 100 बेड जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की लापरवाही और असुविधाओं के चलते मरीजों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका एक नजारा आज भी उस समय देखने को मिला जब नौगढ़ इलाके से गंभीर रूप से झुलसी एक 50 वर्षीय महिला अस्पताल में आई।

पहले तो वहां पर मौजूद चिकित्सक व वहां के कर्मियों उसे जमीन पर ही लिटा दिया और उसका उपचार करने के बजाय इधर-उधर टरकाते रहे। थोड़ी देर बाद इसकी स्थिति गंभीर बताकर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसी महिला को उपचार के लिए न तो बेड दिया गया और ना ही किसी प्रकार के स्ट्रेचर पर उसे लिटाया गया। 100 बेड वाले इस अस्पताल पर इस तरह की लापरवाही को देखकर ऐसा ही लगता है कि जहां पर तैनात चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्सा अधिकारीगण मरीजों के प्रति अमानवीय व्यवहार अपनाते रहते हैं। वहां मौजूद स्टाफ भी उन्हीं के निर्देशानुसार काम करता है।

इस मामले पर बात करने के लिए चिकित्सालय की सीएमएस डॉ उषा यादव बातचीत करने के लिए उपलब्ध नहीं थी और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था।