चंदौली में ऐसे हो रहा था जाली नोटों का कारोबार, पकड़ा गया हंसराज

चंदौली में ऐसे हो रहा था जाली नोटों का कारोबार, पकड़ा गया हंसराज

चंदौली जिले की चकिया कोतवाली पुलिस व वाराणसी की एटीएस ने बुधवार को नगर के सहदुल्लापुर तिराहे से दो हजार के 170 नकली नोटों के साथ हंसराज यादव नामक किशोर को गिरफ्तार किया। वह पटना बिहार के सिरसी गांव का निवासी है। नकली नोट चलाने वाले गिरोह में नाबालिगों की टीम बनाई गई है जो चिन्हित स्थानों पर नोट पहुंचाती है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी सरगना राहुल कुमार जाली नोट का कारोबार करता है। उसके निर्देश पर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति को जाली नोट पहुंचाया जा रहा था।

पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने बरामद दो हजार के 170 (3 लाख 40 हजार) नकली नोट व पकड़े गए तस्कर हंसराज को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। बताया सरगना राहुल नकली नोट चिन्हित स्थानों पर नाबालिगों से पहुंचवाता है। उसने नोट चलाने के लिए दर्जनों किशोर व युवाओं को इस कारोबार से जोड़ा है। पूछताछ में गिरफ्तार किशोर ने बताया नकली नोट पार्टी को देने के एवज में 5 हजार रुपया उसे मिलता है।

 

राहुल के गैंग में तीन-चार लड़के बिहार के हैं। उनके माध्यम से माल्दा पश्चिम बंगाल के बप्पा नाम के व्यक्ति से बांग्लादेश भारतीय जाली मुद्रा मंगवाकर महाराष्ट्र के बाजारों में चलवाया जाता है। अन्य तीन चार लड़कों को रखकर राहुल नकली नोट बाजार में चलवाता है। इसके एवज में लड़कों को 10 हजार रुपया प्रतिमाह वह वेतन मिलता है। इसके पहले वह माल्दा से नकली नोट ला चुका है। वहां 35 हजार असली नोट से एक लाख रुपये नकली मिले थे। अच्छी क्वालिटी के जाली नोट के लिए 40 हजार रुपये में एक लाख रुपये नकली नोट मिलते हैं।

गैंग का सरगना राहुल कुमार नकली नोट देने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर कारोबार में लिप्त किशोरों को नहीं देता। अमुक स्थान पर जाने को कहकर मोबाइल पर कांफ्रेंस कराकर पार्टी से बात करता है। वह उसके कहने पर नकली नोट देने चकिया आया था। थोड़ी देर में ही राहुल पार्टी से कांफ्रेंस कराते और नकली नोट उसे सौंप देता। पकड़े गए किशोर के पास नकली नोट के अलावा मोबाइल व पिट्ठू बैग बरामद हुआ।

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