क्रय केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से किसानों के आठ करोड़ रुपये का भुगतान रुका, यह है मामला

क्रय केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से किसानों के आठ करोड़ रुपये का भुगतान रुका, यह है मामला

चंदौली । जिले के पीसीएफ के 36 गेहूं खरीद केंद्रों के खरीद प्रपत्र जमा न होने से 1800 किसानों का आठ करोड़ का भुगतान रुक गया है। किसानों की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी बच्चा लाल ने सभी केंद्र प्रभारियों को चेतावनी पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि दो दिन में प्रपत्र जमा नहीं किए तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। एडीएम के चेतावनी से केंद्र प्रभारियों में हड़कंप मचा है।

गेहूं खरीद के लिए जिले में पीसीएफ के 40 केंद्र खुले हैं। वैसे तो खरीद मामले में सभी केंद्रों की स्थिति नाजुक चल रही है लेकिन 36 केंद्र प्रभारी ऐसे हैं जिन्होंने अब तक खरीद का एक भी प्रपत्र जमा नहीं किया। केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते किसानों का एक पखवारे से गेहूं का भुगतान ही नहीं हुआ है। इससे किसान परेशान हैं, वे बार-बार खरीद एजेंसी कर चक्कर लगा रहे हैं। मामला अपर जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने केंद्र प्रभारियों के खिलाफ नोटिस जारी की। एडीएम ने कहा बगैर प्रपत्र लिए किसानों का गेहूं क्यों लिया गया, इसका सभी प्रभारी जवाब दें। साथ ही दो दिन में सारे कागजात जमा करें।

ये प्रपत्र होने हैं जमा

सभी खरीद केंद्र मंडी समिति का प्रपत्र 6-आर (गेहूं क्रय पंजिका), आरटीजीएस की छाया प्रति और बैंक स्टेट मैंट जमा करें। वहीं किसानों द्वारा लिए गए प्रपत्रों में किसान की पंजीकरण रसीद, बैंक पास बुक की छाया प्रति, आधार कापी और खतौनी की नकल जमा करें। ताकि यह पता चल सके कि खतौनी के हिसाब से गेहूं लिया गया है या नहीं।

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शशिकांत भारती, प्रबंधक पीसीएफ ने कहा कि जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी किया है कि 20 क्विंटल से अधिक गेहूं बिक्री के लिए किसानों को संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए किसान एसडीएम के यहां सभी प्रपत्रों के साथ आवेदन करेगा। केंद्र प्रभारी सीधे गेहूं की खरीद नहीं करेंगे।

अपर जिलाधिकारी ने सभी प्रभारियों को दो दिन में खरीद और किसानों के जमा किए प्रपत्र जमा कराने को कहा है। दो दिन में प्रपत्र जमा नहीं हुए तो प्राथमिकी की कार्रवाई होगी। अलावा इसके 20 कुंतल से अधिक गेहूं बेचने के लिए किसानों को एसडीएम की अनुमति लेनी होगी।

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