सरकार अपने स्वच्छ भारत मिशन को पूरा करने के लिए के नए नए प्रयोग कर रही है। अब शहरों की तर्ज पर अब गांवों में भी सामुदायिक शौचालय बनाने की तैयारी है। इस योजना में हर एक ग्राम पंचायत में दो लाख की लागत से चार सीट वाले शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसकी देखभाल गांव में तैनात सफाईकर्मी व एक अन्य कर्मचारी को करनी होगी। शौचालयों की नियमित सफाई व देखभाल की जिम्मेदारी इनको सौंपकर सरकार अपनी नई योजना पर काम करने जा रही है।

बताया जा रहा है कि शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन इसके लिए भूमि चिह्नित करने में जुट गया है। शासन ने शौचालय निर्माण को गांवों के बाहर सार्वजनिक भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन पंचायती राज व राजस्व विभाग की मदद से जमीन की तलाश में जुट गया है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में चार सीट वाले सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। दो लाख की लागत से पुरुष व महिलाओं की सुविधा के अनुकूल शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।

 

 ग्राम पंचायतों में बनेंगे शौचालय

चंदौली जिले में 734 ग्राम पंचायतें और 1450 राजस्व गांव हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सामुदायिक शौचालय बनेगा। इसकी देखरेख व सफाई के लिए कर्मचारी नियुक्त रहेंगे।

अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 1450 राजस्व गांवों में 3,01,234 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। जिला प्रशासन की ओर से ओडीएफ के लक्ष्य को पूरा करने का दावा किया जा रहा। शौचालयों के निर्माण में करीब 361 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, फिर सरकार की मंशा के अनुरुप परिणाम नहीं आया है।

मुख्य विकास अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव बोले

”शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय के निर्माण की पहल की है। इसके लिए ग्राम सभा में सार्वजनिक भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जमीन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।”