चंदौली जिले के नक्सल प्रभावित नौगढ़ इलाके के आदर्श गांव जरहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत दीनदयाल नगर कॉलोनी के निर्माण कार्य पर लगा स्टे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। साथ ही डीएम को गांव सभा की जमीन पर हुए कब्जा हटाने को आदेशित किया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीएम ने एसडीएम विजय नारायण सिंह, तहसीलदार व चकबंदी विभाग की टीम को बुधवार को जमीन की नापी करने का निर्देश दिया है। इससे पीएम आवास के लाभार्थी 52 वनवासियों में रहने के लिए आशियाना मिलने की उम्मीद जग गई है।

पूर्व में वनवासियों ने प्रदर्शन कर बीडीओ शंकर प्रसाद सोनकर को पत्रक दिया था, किंतु मामला कोर्ट से जुड़ा होने के कारण अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान मौजूद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुजीत कुमार उर्फ सुड्डू सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल स्टे की याचिका को निरस्त कराने में पैरवी की और एसडीएम विजय नारायण सिंह से वार्ता भी की थी।

बताया जाता है कि गांव के गिरजा नामक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर निर्माणाधीन कॉलोनी की जमीन को अपनी बताया था। इसे संज्ञान में लेकर कोर्ट ने 14 मार्च तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। साथ ही डीएम और तहसीलदार को पट्टा आवंटन संबंधित पत्रावलियों के साथ तलब किया। इसके अनुपालन में डीएम और तहसीलदार की संयुक्त रिपोर्ट पत्रावली कोर्ट में दाखिल नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने तत्काल गांव सभा की भूमि पर काबिज व्यक्ति को बेदखल करने का आदेश दिया है।

तहसीलदार, नौगढ़ आनंद कुमार कनौजिया बोले…

गांव सभा की 961 एयर जमीन भूमिहीन वनवासियों को आवंटित की गई है जिसकी पूरी पत्रावली हाईकोर्ट को उपलब्ध कराई गई थी। इसका अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने बुधवार को एसडीएम की अध्यक्षता में बेदखली कार्रवाई के साथ ही पीएम आवास के निर्माण का कार्य प्रारंभ करने का आदेश दिया है।