वन विभाग के अधिकारी बोले : इसीलिए वन विभाग के खिलाफ नेताजी कर रहे हैं धरना प्रदर्शन

वन विभाग के अधिकारी बोले : इसीलिए वन विभाग के खिलाफ नेताजी कर रहे हैं धरना प्रदर्शन

चंदौली जिले में हमेशा वन विभाग किसी ना किसी बात को लेकर चर्चा में बना रहता है, कभी राजस्व चोरी, कभी अवैध खनन तो कभी चेक पोस्टों पर अवैध वसूली के मामले को लेकर जिले में हंगामा मचता रहता है। आजकल सैयदराजा इलाके में मौजूद चेकपोस्ट पर वसूली का मामला जोरों पर है।

इस समय भारतीय जनता पार्टी के सह संयोजक पंचायत प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के महेंद्र सिंह ने 2 दिन से अनिश्चितकालीन धरने में अपने सरकार के अधिकारियों के भष्टाचार खिलाफ मुहिम को खोल रखा है और दावा कर रहे हैं कि जब तक वन विभाग द्वारा कराए जा रहे भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं होगा, तब तक यह धरना जारी रहेगा।

वहीं, वन विभाग द्वारा कहा जा रहा है कि इस धरना करने वाले अवैध तरीके से गाड़ी भगाने और पास कराने के काम में लगे रहते हैं। इनकी कुछ गाड़ियां भी पकड़ी गयी हैं, जिसके उपर कार्यवाही किए जाने को लेकर किया जा रहा यह धरना प्रदर्शन एक दिखावा मात्र है ।

बताते चलें कि नौबतपुर यूपी बिहार का बॉर्डर होने के कारण हमेशा चर्चा में रहा है जिसमें इस वन विभाग के रेंज ऑफिस को मंत्री से लेकर जनपद के आला अधिकारी तथा मंडल के अधिकारियों द्वारा कई प्रकार की जांच कर संचालित कराने की कोशिश की जा चुकी है।

 

वहीं सपा से भाजपा में आए इस नेता ने इस विभाग द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का मुहिम छेड़ी गई है, जिसमें उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा ट्रकों लोडिंग स्थल के ओरिजिनल पेपर पर अभिवहन शुल्क नहीं जमा कराया जाता है और जो भी अभिवाहन शुल्क जमा कराया जाता है वह नौबतपुर से बने कागजों पर जमा किया जाता है, जो कि  वन विभाग के कथित रूप से दलालों के द्वारा किया जाता है। इनसे सुविधा शुल्क के नाम पर ₹500 अतिरिक्त रिश्वत के रूप में लिया जाता है।

 

महेंद्र सिंह का दावा

 वन रेंजर द्वारा प्राइवेट 10 व 12 गुंडे कार्यालय पर लाठी डंडे और असलहे द्वारा तैनात किया गया है जिससे इस शुल्क की वसूली की जा सके और ट्रक चालक द्वारा न दिए जाने पर उन्हें मारपीट कर धमकाया जाता है और कई कई दिन तक ट्रक को खड़ा कर रखा जाता है, जिससे आए दिन यहां के लोगों को जाम के झाम में फंसना पड़ता है।

 यहां के ब्लॉक प्रमुख गुड्डू गुप्ता द्वारा 29 अक्टूबर2018 को पत्र देकर जिला अधिकारी को सूचित किया गया था कि यहां कई प्रकार के भ्रष्टाचार संचालित हैं लेकिन उनमें किसी प्रकार की कमी ना आने पर भाजपा की सहसंयोजक पंचायत प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के महेंद्र सिंह के साथ मिलकर के भाजपा के बरहनी ब्लाक प्रमुख गुड्डू गुप्ता के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन शुरू करवा दिया है। यहां के ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य भी इस  प्रदर्शन में भाग लेकर भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कही है ।

 

इस संबंध में वन विभाग के रेंजर आरके दीक्षित से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि वन विभाग इस कार्यालय द्वारा जो भी कार्य किया जाता है वह संवैधानिक धारा दायरे में होता हैं और वह राज्य सरकार के राजस्व के लिए किया जाता है। धरने पर बैठे लोगों द्वारा आरोप लगाने की बात पर बोले कि लोडिंग स्थल के ओरिजिनल प्रपत्र पर अभिवहन शुल्क नहीं जमा किया जाता है, उस पर उन्होंने बताया कि यह शुल्क यदि उनके ओरिजिनल फॉर्म के साथ आता है, तो उन्हें अभिवहन शुल्क के साथ साढ़े सात सौ अतिरिक्त जमा किया जाए जाता है, इसलिए ट्रक चालकों द्वारा विभाग व सेल टैक्स से रजिस्टर्ड फर्म के माध्यम से इस अभिवहन शुल्क जमा करने का कार्य कराते हैं । जिनसे उन्हें साढ़े सात सौ अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है ।

 

 उन्होंने बताया कि इन लोगों द्वारा जो ₹500 की अवैध वसूली करने की बात कही जा रही है तो यहां पर सीसी कैमरे की निगरानी में सभी कार्य किए जाते हैं और ना ही किसी व्यक्ति से किसी प्रकार का ₹500 की वसूली की जाती है और यदि ऐसा किया जाता है तो ट्रक चालकों द्वारा इसकी शिकायत मुझसे की जाएगी ताकि उसका त्वरित जांच कर उन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए ।

वहीं,  दीक्षित ने बताया कि धरना लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि 10 12 प्राइवेट असलहे धारी गुंडे यहां तैनात शस्त्रधारी हैं जो कि यह सरासर गलत है यहां जो भी व्यक्ति तैनात है वह सरकारी कर्मचारी है और असलहे विभाग के द्वारा उन्हें मुहैया कराया गया है जो कि विभाग की कार्यवाही के अंतर्गत आता है ।

वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए ट्रकों का बिना अभिमान शुल्क जमा किए ले जाने का कार्य चोरी छिपे किया जा रहा था, जिनमें कुछ गाड़ियां पकड़ी गई थी और उन गाड़ियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने पर इसमें संलिप्त लोगों द्वारा एक कहानी रचित कर भ्रष्टाचार का रूप देकर यह कृत किया जा रहा है जो कि सरासर गलत है।

वहीं मौजूद लोगों द्वारा यह भी कहा गया कि यह जो धरना प्रदर्शन किया जा रहा है वह अपने निजी स्वार्थ के लिए किया जा रहा है जिसमें उनके द्वारा आने वाली गाड़ियों का वन विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का शुल्क न लिया जाए ।

वन विभाग के रेंजर आरके दीक्षित

सरकारी राजस्व की चोरी करने वाले फार्म या लोगों पर सरकार की मंशा के अनुरूप सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी, चाहे उसमें सत्ता पक्ष के लोग ही क्यों ना सम्मिलित हों उन्हें भी इस कार्यवाही से छोड़ा नहीं जाएगा।

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