चंदौली जिले में तैनात रहे शासन ने भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी है। उप परिवहन आयुक्त ने चंदौली पुलिस से उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की रिपोर्ट मांगी है। आरएस यादव के खिलाफ सदर व सकलडीहा कोतवाली में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। उन पर भ्रष्टाचार समेत चालकों को मारपीट कर जबरन लूट-खसोट के आरोप हैं। शासन के निर्देश पर महकमा रिपोर्ट तैयार कर भेजने में जुटा है। इससे भ्रष्टाचार का प्रकरण दोबारा चर्चा में आ गया है।

सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा। चंदौली के तत्कालीन एआरटीओ आरएस यादव जो वर्तमान में निलंबित हैं, के इशारे पर ट्रकों के संचालन का मामला प्रकाश में आया था। वाराणसी के एआरटीओ से वाहनों की जांच-पड़ताल और धरपकड़ शुरू कराई गई तो ओवरलोड ट्रकों के संचालन में शामिल मनबढ़ों ने परिवहन विभाग की टीम पर हमला बोल दिया। इसमें कई कर्मचारी घायल हो गए थे। इसके दूसरे दिन सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने हाईवे पर ओवरलोड ट्रकों से वसूली करते आरएस यादव के निजी चालक व सिपाही को रंगेहाथ पकड़ा था। सिपाही के पास से 16 हजार रुपये मिले थे। सिपाही ने एआरटीओ के निर्देश पर वसूली की बात कही थी। इसके बाद लखनऊ से वाराणसी आते समय एआरटीओ को रास्ते में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सदर कोतवाली लाकर पूछताछ की गई थी। एआरटीओ के खिलाफ सदर और सकलडीहा कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज कराए गए।

ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली, वाहन चालकों से मारपीट कर लूट-खसोट कराने समेत अन्य आरोप हैं। फिलहाल निलंबित एआरटीओ मीरजापुर जेल में बंद हैं। उप परिवहन आयुक्त के निर्देश पर पुलिस महकमा मुकदमों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि शासन से निलंबित एआरटीओ के खिलाफ दर्ज मुकदमों की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही तैयार कर भेज दी जाएगी।