राइस मिलरों की बैठक के बाद हड़ताल की चेतावनी, यह है मामला

राइस मिलरों की बैठक के बाद हड़ताल की चेतावनी, यह है मामला

चंदौली जिले के राइस मिलरों की बैठक मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित नवीन कृषि मंडी परिसर में हुई। इस दौरान मिलरों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। धान की कुटाई के बदले राइस रिकवरी रेट कम न किए जाने पर मिलरों ने हड़ताल की चेतावनी दी। वहीं धान की कुटाई में एफसीआई का सहयोग न करने की घोषणा की। चेताया जिला प्रशासन की ओर से मिलरों पर दबाव बनाया गया तो आंदोलन को विवश होंगे।

कहा कि सरकार ने धान की कुटाई के बदले 67 प्रतिशत राइस रिकवरी रेट निर्धारित किया है। लेकिन सच्चाई है कि कुटाई में अधिकतम 64 फीसदी ही चावल निकलता है। ऐसे में अतिरिक्त चावल की व्यवस्था स्वंय कर एफसीआई को देना पड़ा है।

जिला प्रशासन की ओर से धान की कुटाई का रेट 26 रुपये प्रति कुंतल दिया जाता है। डीजल सहित अन्य वस्तुओं के मूल्य में काफी वृद्धि होने से यह रकम ऊंट के मुंह में जारी के समान साबित होती है। कहा कि परिवहन शुल्क में कई वर्षों से कोई वृद्धि नहीं की गई। इसकी वजह से मिलरों को हर तरफ से मार झेलनी पड़ रही है।

इसको लेकर जिला प्रशासन सहित विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन आज तक कोई पहल नहीं की किया गया। इससे लगातार घाटा होने की वजह से कई मिलरों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। बैठक में टीएन सिंह, अरूण जालान, विनोद पांडेय, आनंद सिंह, महेंद्र गुप्ता, गप्पू सिंह, गिरीश, भैरोनाथ गुप्ता, ओपी सिंह आदि उपस्थित रहे।

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