बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारी का टीकारण करके उन्मूलन करने की योजना, ऐसे चलेगा अभियान

बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारी का टीकारण करके उन्मूलन करने की योजना, ऐसे चलेगा अभियान

चंदौली जिले में बच्चो में होने वाली जानलेवा रूबेला बीमारी को समाप्त करने के लिए एक अभियान चला कर सरकार उन्मूलन करके विश्व में भारत की स्थिति सुधारने की कोशिश करनी है। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा बच्चे हमारे देश में मरते हैं। इससे भारत में मरने वाले बच्चों के मृत्यु दर में कमी आएगी।

रूबेला टीकाकरण अभियान 26 नवंबर 2008 के अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि जनपद में 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारी के बचाव के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है।

पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 1,34,000 बच्चों की मौत में होती है जिसमें सबसे अधिक लगभग 49,000 यानि 26% बच्चों की मौत अकेले भारतवर्ष में होती है। वहीं अगर स्त्रियों को गर्भावस्था के प्रारंभ में रूबेला संक्रमण होता है तो सी आर एस जन्मजात रूबैल्ला सिंघम विकसित हो जाता है जो कि नवजात शिशु के लिए गंभीर व घातक साबित होता है। इस रोग से ग्रसित स्त्री से पैदा होने वाले बच्चों को जन्मजात विसंगतियां पाई जाती हैं, जैसे मोतियाबिंद, बहरापन, दिल की बीमारी, मानसिक मंदता, अपंगता आदि होने की प्रबल संभावना होती है।

भारत सरकार द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए 2020 तक इसके उन्मूलन के लिए 26 नवंबर 2018 से 5 सप्ताह तक अभियान चलाया जाएगा जोकि प्रथम के 2 सप्ताह में यह अभियान स्कूलों व कालेजों में चलेगा तथा द्वितीय सप्ताह आंगनवाड़ी केंद्र पर निर्धारित एवं चिन्हित स्थलों पर होगा इसके साथ ही आखिरी सप्ताह में यह अभियान छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण कराया जाएगा।

इस अभियान को पोलियो अभियान की तरह घर घर नहीं बल्कि कार्य योजना के अनुसार निर्धारित फील्ड सरकारी प्राइवेट स्कूलों में चलाया जाएगा अभियान में जनपद के कुल 764000 बच्चों को अभिसिंचित करने ले लिए निर्धारित किया गया है जिसमें कम से कम 95 प्रतिशत बच्चों को इस अभियान में सम्मिलित होना अनिवार्य है।

इस अभियान में फुल 339 एनम के साथ टीम बनाई गई है जो कि कुशल डॉक्टरों के नेतृत्व में प्रतिदिन कार्य करेगी और इसे सक्रिय बनाए रखने हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर दैनिक समीक्षा भी की जाएगी। यदि उसके बाद भी लक्ष्य पूर्ण नहीं किया गया तो आगे भी यह कार्यक्रम बढ़ाया जा सकता है।

इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीके सिंह डॉ नीलम ओझा बीवी सिंह जिला प्रतिरक्षण अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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