एसपी हेमंत कुटियाल की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में सम्मेलन में करीब आधा दर्जन थानाध्यक्ष गायब रहे। इस पर एसपी ने गहरी नाराजगी जताई। साथ ही एएसपी प्रेमचंद को अनुपस्थित थानाध्यक्षों से जवाब-तलब करने का निर्देश दिया। उन्होंने मातहतों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। निस्तारण का भरोसा भी दिलाया। बोले, नौगढ़ व चकरघट्टा थाने में आरिक्षयों की छह माह व अन्य थानों में अधिकतम तीन वर्ष के लिए तैनाती की जाएगी।

पुलिस सम्मेलन में प्रत्येक थाने से एसओ के साथ ही पांच-पांच प्रमुख आरक्षियों को बुलाया गया था। समस्त थानों के आरक्षी सम्मेलन में शामिल हुए। लेकिन करीब आधा दर्जन थानाध्यक्ष गायब रहे। इस पर एसपी ने गहरी नाराजगी जताते हुए जवाब-तलब करने का निर्देश दिया।

जिले के नक्सल प्रभावित नौगढ़ व चकरघट्टा थाने में पुलिसकर्मी तैनाती नहीं प्राप्त करना चाहते हैं। लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर रंगरूटों की तैनाती जरूरी है। ऐसे में नक्सल क्षेत्र के थानों में पुलिसकर्मियों को छह माह व अन्य थानों में अधिकतम तीन साल तक तैनाती की जाएगी।

कहा पुलिसकर्मियों को छुट्टी लेने में परेशानी नहीं होगी। छुट्टी लेने के लिए एक सप्ताह पहले प्रार्थना पत्र दे दें। छुट्टी के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।