एसटीएफ ने यूपी-बिहार बार्डर पर बाइक मैकेनिक समेत पांच लोगों को इसलिए उठाया

एसटीएफ ने यूपी-बिहार बार्डर पर बाइक मैकेनिक समेत पांच लोगों को इसलिए उठाया

चंदौली जिले की सीमा में  उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एसटीएफ के माध्यम से यूपी-बिहार बार्डर कई लोगों को उठाया है। कहा जा रहा है कि स्पेशल टास्क फोर्स हत्या के कथित हाईप्रोफाइल मामले की छानबीन के सिलसिले में पहुंची थी। आपरेशन की शुरुआत मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ हुई, जो इंटर मीडिएट का छात्र बताया गया है।

लोगों का कहना है कि उससे पूछताछ के बाद कोचिंग में पढ़ रहे एक युवक, बाइक मैकेनिक समेत पांच लोगों उठाकर वाराणसी ले गई है। हालांकि पूरी रात चली छानबीन के बाद बाइक मैकेनिक को छोड़ दिया, जिससे उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार, स्पेशल टास्क फोर्स की टीम शाम में पांच बजे सैयदराजा क्षेत्र के एक गांव में दबिश दी। वहां से 12वीं में पढ़ने वाले एक युवक को उठाया। उससे पूछताछ करते हुए अलग-अलग आधा दर्जन स्थानों पर दबिश दी। करीब चार घंटे की छापेमारी में बाइक मैकेनिक समेत पांच लोग हिरासत में लिए गए। बाइक मैकेनिक से कथित हत्या में शामिल बाइक मंगवाई गई।

दरअसल, बाइक उसी के यहां बनने को दी गई थी। हत्यारोपितों एवं बाइक मैकेनिक का संबंध सिर्फ रिपेयरिंग तक रहा या वह मर्डर मिस्ट्री का राजदार भी है, जानने को उसे पूछताछ को ले जाया गया था। राहत रही कि छानबीन में उससे ज्यादा कुछ नहीं निकलने पर उसे छोड़ दिया गया। बाइक मैकेनिक घर लौटा तो उससे मिलने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। हालांकि, वह निर्दोष होने के कारण मामले ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहा था। अपनों से बातचीत में इतनी जानकारी दी कि दूसरे ग्राहकों की भांति बाइक करीब एक से डेढ़ माह पूर्व बनवाने को दे गए थे।

हालांकि, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रदीप चंदेल ने एसटीएफ के आपरेशन से अनभिज्ञता जताई है। इलाकाई पुलिस को आपरेशन में साथ नहीं लिए जाने की बात कही जा रही है।

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