चंदौली जिले के स्कूलों की 10 साल से अधिक पुरानी बसें अब सड़कों पर रफ्तार नहीं भरेंगी। विद्यालय प्रबंधन को बसों के फिटनेस के साथ ही चालक, परिचालक का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराना होगा। बसों में अधिकतम 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाले स्पीड गवर्नर भी लगाए जाएंगे। शासन ने स्कूली बसों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में परिवहन विभाग के अधिकारियों, स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों संग बैठक की। मानक के अनुरूप ही वाहनों के संचालन का निर्देश दिया।

जनपद में 130 पंजीकृत स्कूली बसें हैं। इसमें मात्र 27 बसों का ही फिटनेस कराया गया है। जबकि शेष बसें बिना फिटनेस के ही सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। अप्रशिक्षित चालक व परिचालक बच्चों को घरों से स्कूल लाते व ले जाते हैं। इसके चलते बच्चों के भविष्य पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। डीएम ने कहा स्कूली बसों व अन्य वाहनों का फिटनेस एक सप्ताह के अंदर अवश्य करा लें। चालकों व परिचालकों का पुलिस वेरिफिकेशन भी होना चाहिए।

शासन स्तर से 10 साल से अधिक पुरानी स्कूली बसें व 15 साल से अधिक पुराने वैन अथवा अन्य वाहनों का संचालन न करने का निर्देश दिया गया है। इस पर हर हाल में अमल होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ ही आंख की जांच करा लें। चालक व परिचालक के लिए यूनिफार्म की व्यवस्था की जाए। चालकों को खाकी पैंट-शर्ट और परिचालक को नेवी ब्लू कलर की शर्ट-पैंट होना चाहिए। जबकि महिला परिचालक नेवी ब्लू रंग की साड़ी पहने रहें। चालक के पास इयर फोन नहीं होना चाहिए। स्कूल प्रबंधन की ओर से सुबह ही चालक व परिचालक की तलाशी लेकर इसके बाबत सुनिश्चित कर लिया जाए।

 

वाहनों में अधिकतम 40 किलोमीटर तक की रफ्तार क्षमता वाले स्पीड गवर्नर लगवाए जाएंगे। सभी बच्चों के लिए सीट बेल्ट की व्यवस्था होनी चाहिए। बसों में फ‌र्स्ट एड बाक्स व फायर सिलेंडर होना जरूरी है। ताकि दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार किया जा सके। डीआइओएसस डा. विनोद राय, एआरटीओ विजय प्रकाश सिंह, बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही कालेजों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक मौजूद थे।