चंदौली जिले में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले तीन शिक्षकों को बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। जांच में शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी मिली। शिक्षक 2014 से ही जिले के अलग-अलग प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत थे। विभाग मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही वेतन की रिकवरी की कार्रवाई में जुट गया है।

शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कराई थी। इसके लिए अपर जिलाधिकारी बच्चालाल, अपर पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद और एडी बेसिक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। समिति ने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की तो सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय काटा द्वितीय में नियुक्त सहायक अध्यापक रामप्रकाश यादव, बरहनी के प्राथमिक विद्यालय महारानी बाकरपुर में कार्यरत राकेश यादव, नौगढ़ के प्राथमिक विद्यालय लेहरा के रामअवध यादव की बीएड की डिग्री फर्जी मिली। जबकि उनके अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र वैध मिले।

जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। साथ ही शासन को रिपोर्ट भेज दी। शिक्षक 14 अगस्त 2014 से जिले में कार्यरत थे। विभाग जालसाजी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अब तक खाते में भेजी गई तनख्वाह की रिकवरी की तैयारी में जुट गया है। बीएसए ने बताया कि जांच में शिक्षकों के बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। उन्हें बर्खास्त करने के साथ ही शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।